Ganja smuggling is on the rise in Noida and Greater Noida: गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) में नशीले पदार्थों की तस्करी तेजी से बढ़ रही है। जनवरी महीने में ही पुलिस ने कई बड़े गिरोहों का पता लगाकर सैकड़ों किलोग्राम गांजा बरामद किया है। विशेषज्ञों और पुलिस का कहना है कि ओडिशा से सप्लाई होने वाला यह माल मुख्य रूप से एनसीआर के कॉलेजों और युवाओं को निशाना बना रहा है, जिससे नाबालिगों और छात्रों के नशे की लत में फंसने का खतरा बढ़ गया है। नोएडा अथॉरिटी क्षेत्र, एक्सप्रेसवे और झुग्गी-झोपड़ी इलाकों के आसपास यह कारोबार फल-फूल रहा है।
जनवरी में पुलिस की बड़ी कार्रवाइयां:
• 15-16 जनवरी: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। तीन तस्करों को गिरफ्तार कर 102.4 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत करीब 25-30 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि यह गांजा ओडिशा से लाकर दिल्ली-एनसीआर के कॉलेजों और युवाओं को सप्लाई किया जाना था।
• 21 जनवरी: एक अन्य ऑपरेशन में गांजा तस्करी गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार। पुलिस ने भारी मात्रा में माल जब्त किया।
• 19 जनवरी: पलवल बॉर्डर के पास एक नशा तस्कर पकड़ा गया।
पिछले महीनों में भी कई गिरफ्तारियां हुईं:
दिसंबर 2025 में एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने सेक्टर-134 से 18 किलोग्राम गांजा सहित एक तस्कर को पकड़ा, जो हर्बल दवाओं की आड़ में तस्करी कर रहा था। नवंबर-दिसंबर में ई-कॉमर्स स्टाइल में कोरियर और यूपीआई से गांजा डिलीवरी करने वाले गिरोह बेनकाब हुए, जिसमें 10 किलोग्राम से ज्यादा हाई-क्वालिटी गांजा बरामद हुआ।
नाबालिग और युवा खतरे में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तस्कर खास तौर पर छात्रों और युवाओं को टारगेट कर रहे हैं। कॉलेज कैंपस और हॉस्टल के आसपास सप्लाई बढ़ रही है। हालांकि हालिया गिरफ्तारियों में नाबालिगों की सीधी संलिप्तता नहीं मिली, लेकिन विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि झुग्गी वाले क्षेत्रों और नोएडा अथॉरिटी के आसपास सस्ते में उपलब्ध नशीले पदार्थ नाबालिगों को लत की जद में ला रहे हैं। दिल्ली के सीमापुरी और अन्य स्लम क्षेत्रों में पहले से ही नाबालिगों में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है, और नोएडा में भी यह ट्रेंड फैलने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है। पिछले तीन सालों में 9,700 किलोग्राम से ज्यादा ड्रग्स जब्त किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि झुग्गी और सेक्टरों में गश्त बढ़ाई गई है, लेकिन तस्कर नए तरीके अपनाकर (ऑनलाइन ऑर्डर, कोरियर) कारोबार चला रहे हैं।
समाजसेवी और एनजीओ का कहना है कि नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान और स्कूल-कॉलेजों में काउंसलिंग जरूरी है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो युवा पीढ़ी पर गंभीर असर पड़ेगा।