सीनेट ने शुक्रवार देर रात पांच प्रमुख फंडिंग बिलों को पास कर अधिकांश सरकारी एजेंसियों को सितंबर तक फंडिंग दे दी, लेकिन होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (डीएचएस) के लिए सिर्फ दो हफ्तों की अस्थायी फंडिंग दी। सदन के सत्र में न होने के कारण यह बिल समय पर लागू नहीं हो सका, जिससे आंशिक शटडाउन शुरू हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार तक फंडिंग बहाल हो जाएगी और आम लोगों पर असर न्यूनतम रहेगा।
मिनियापोलिस गोलीबारी ने बढ़ाई तनातनी
यह गतिरोध मिनियापोलिस में संघीय इमिग्रेशन एजेंट्स द्वारा दो अमेरिकी नागरिकों – रेनी गुड और एलेक्स प्रेट्टी – की गोली मारकर हत्या करने से उत्पन्न हुआ है। ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘ऑपरेशन मेट्रो सर्ज’ के तहत मिनेसोटा में इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट बढ़ाया गया था, जिस दौरान ये घटनाएं हुईं। डेमोक्रेटिक सांसद डीएचएस फंडिंग में संघीय एजेंट्स के आचरण पर नई पाबंदियां जोड़ने की मांग कर रहे हैं।
देशभर में आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने “नो वर्क, नो स्कूल, नो शॉपिंग” का आह्वान किया है। डेमोक्रेटिक नेता डिक डर्बिन ने कहा, “ट्रंप प्रशासन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रहा है, जिससे अमेरिकी कम सुरक्षित हो रहे हैं।”
शटडाउन का असर
आंशिक शटडाउन से कई गैर-जरूरी सरकारी सेवाएं प्रभावित होंगी, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और कुछ रक्षा संबंधी कार्य। हजारों संघीय कर्मचारी या तो अवैतनिक छुट्टी पर जाएंगे या बिना वेतन काम करेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे सुरक्षा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और डाक सेवाएं जारी रहेंगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सीनेट के पैकेज का समर्थन किया है और सदन से जल्द मंजूरी की अपील की है। कांग्रेस के दोनों दलों के नेता इसे छोटा शटडाउन बता रहे हैं। पिछले साल शरद ऋतु में हुआ लंबा शटडाउन एक महीने से ज्यादा चला था।
यह घटनाक्रम ट्रंप के बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन अभियान के बीच आया है, जिसकी वजह से इमिग्रेशन एजेंट्स की कार्रवाइयों पर विवाद बढ़ गया है। डेमोक्रेट्स नए प्रतिबंधों की मांग पर अड़े हैं, जबकि रिपब्लिकन्स इसे जल्द सुलझाना चाहते हैं।

