Mian will rule the world in 15 years: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ‘मियां मुसलमानों’ पर दिए विवादास्पद बयान ने राज्य में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। हिमंत ने कहा था कि मियां लोगों को हर तरीके से परेशान करें, जैसे रिक्शा वाले को 5 रुपये की जगह 4 रुपये दें, ताकि वे असम छोड़कर चले जाएं। साथ ही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में 4-5 लाख मियां वोटरों के नाम कटने का दावा किया। विपक्ष और मुस्लिम नेताओं ने इसे गरीबों और पूरी कौम पर हमला बताया।
AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मियां लोग किसी से डरने वाले नहीं हैं। सत्ता के लिए आप मियां मुसलमानों का अपमान कर रहे हैं। अपने शब्द वापस लें, वरना इस बार मियां लोग आपकी नाव डुबो देंगे।” अजमल ने भविष्यवाणी की कि अगर हिमंत 2026 चुनाव लड़े तो BJP हार जाएगी।
कांग्रेस MLA शेरमान अली अहमद ने मियां समुदाय से शिक्षा पर फोकस करने की अपील की। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जो कहें कहें, कान बंद कर अल्लाह पर भरोसा रखें। अगले 15 साल में हर गांव से 100 IAS, 100 जज, 1000 इंजीनियर-डॉक्टर निकालें। हर सीट से 10 नोबेल प्राइज विजेता दें। तब 15 साल में मियां सिर्फ असम नहीं, पूरी दुनिया पर राज करेंगे।”
कांग्रेस ने इसे गरीबों का अपमान बताया। प्रवक्ता जेहरुल इस्लाम ने कहा कि रिक्शा चालक को कम पैसे देने की सलाह देकर हिमंत ने गरीबों का अपमान किया। AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने हिमंत को CM पद के लिए अयोग्य बताया। हिमंत ने बचाव में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें बांग्लादेशी घुसपैठ से जनसांख्यिकीय बदलाव की चिंता जताई गई थी।
विवाद 2026 विधानसभा चुनाव से पहले गर्माया है। मुस्लिम बहुल जिलों में तनाव है। फिलहाल कोई नई हिंसा या बड़ा प्रदर्शन नहीं, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज है।

