West Bengal Nipah Alert: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो पुष्ट मामलों के बाद कहा है कि भारत में इसके फैलाव का जोखिम कम है और देश पहले भी ऐसे प्रकोप को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर चुका है। WHO ने किसी भी यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की जरूरत से इनकार किया है। दिसंबर 2025 से अब तक केवल दो मामले सामने आए हैं—दोनों 25 वर्षीय नर्स (एक महिला और एक पुरुष) जो उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं।

दोनों नर्सों में दिसंबर अंत में लक्षण दिखे, जो तेजी से न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं में बदल गए। जनवरी शुरुआत में उन्हें आइसोलेशन में रखा गया। कल्याणी के सरकारी अस्पताल की वायरल रिसर्च लैब ने 11 जनवरी को संदिग्ध मामले चिह्नित किए और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने 13 जनवरी को पुष्टि की। 21 जनवरी तक पुरुष मरीज ठीक हो रहा है, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी संपर्कों की जांच निगेटिव आई है और 27 जनवरी तक कोई नया मामला नहीं मिला। मंत्रालय ने अफवाहों पर रोक लगाते हुए कहा कि केवल आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें। निपाह वायरस फ्रूट बैट्स से मनुष्यों में फैलता है, मुख्य रूप से दूषित भोजन या निकट संपर्क से। मानव-से-मानव संचरण सीमित है, खासकर स्वास्थ्य कर्मियों में।
हालांकि थाईलैंड, नेपाल, हांगकांग, सिंगापुर आदि देशों ने पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू की है। WHO ने पश्चिम बंगाल में सब-नेशनल स्तर पर जोखिम को मध्यम बताया, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कम। भारत ने पहले केरल और अन्य जगहों पर निपाह को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं।

