Delhi High Court issues important directions in UAE detention case: UAE में हिरासत में रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला, अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की अनुमति, अगली सुनवाई 3 फरवरी

Delhi High Court issues important directions in UAE detention case: पूर्व अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई, रिटायर्ड इंडियन आर्मी मेजर विक्रांत कुमार जेटली की UAE में हिरासत से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने प्रतिवादियों (केंद्र सरकार) द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट पर विचार करते हुए नए तथ्यों को रिकॉर्ड पर लाने के लिए एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 3 फरवरी को होगी।

सेलिना जेटली की याचिका अभी लंबित है, जिसमें वे अपने भाई के लिए UAE में प्रभावी कानूनी सहायता, मेडिकल मदद और परिवार से संपर्क की सुविधा की मांग कर रही हैं। मेजर विक्रांत जेटली सितंबर 2024 से अबू धाबी में हिरासत में हैं। केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि उनकी हिरासत राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक मामले से संबंधित है, हालांकि आरोपों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सेलिना जेटली की भावुक अपील
मामले पर बोलते हुए सेलिना जेटली ने कहा, “पूरा देश मेजर विक्रांत के साथ खड़ा है। मुझे भारत सरकार पर पूरा विश्वास है। मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से अपील है कि मेजर विक्रांत को वापस भारत ले आएं। उन्होंने इस देश की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।”
सेलिना ने पहले भी सोशल मीडिया और कोर्ट में भावुक अपील की थी कि उनके भाई को 2016 से UAE में रहते हुए काम कर रहे थे और अचानक हिरासत में लिया गया। परिवार का आरोप है कि लंबी हिरासत से उनकी सेहत बिगड़ रही है और उन्हें उचित मेडिकल व कानूनी सहायता नहीं मिल रही।

कोर्ट की पिछली कार्रवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिए थे कि and family से संपर्क कराने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने और प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के। कोर्ट ने MEA से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी थी। विक्रांत को consular access मिला है और उनकी पत्नी से MEA का संपर्क बना हुआ है।

विक्रांत कुमार जेटली इंडियन आर्मी के 3 पैरा स्पेशल फोर्सेस के पूर्व अधिकारी हैं और गैलेंट्री के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन प्राप्त कर चुके हैं। UAE में वे MATITI ग्रुप में ट्रेडिंग, कंसल्टेंसी और रिस्क मैनेजमेंट से जुड़े काम करते थे।

यह मामला भारत-UAE संबंधों और विदेश में फंसे भारतीयों की सहायता पर भी प्रकाश डाल रहा है। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही विक्रांत की सुरक्षित वापसी हो सकेगी। मामले पर सबकी नजरें 3 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।

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