हमला सरकारी समर्थक शांति समिति नेता नूर आलम मेहसूद के घर पर आयोजित शादी समारोह में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेहमान ढोल की थाप पर नाच-गाना कर रहे थे, तभी हमलावर ने भीड़ के बीच खुद को उड़ा दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि छत का एक हिस्सा गिर गया, जिससे कई लोग मलबे में फंस गए और बचाव कार्य में काफी देरी हुई।
मृतकों में शांति समिति के एक अन्य नेता वहीदुल्लाह मेहसूद (उर्फ जिगरी मेहसूद) का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। घायलों को जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों का शक पाकिस्तानी तालिबान (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी) पर है। टीटीपी ने हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में कई हमले किए हैं, खासकर सरकारी समर्थक शांति समितियों को निशाना बनाया है।
प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने हमले की कड़ी निंदा की है और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने शोक व्यक्त किया और घायलों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
हाल के महीनों में खैबर पख्तूनख्वा में शांति समिति सदस्यों पर हमले बढ़े हैं। इस महीने की शुरुआत में बन्नू जिले में चार सदस्य मारे गए थे, जबकि नवंबर 2025 में भी एक समिति कार्यालय पर हमले में 7 लोग मारे गए थे।
सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जांच जारी है।

