नोएडा। सेक्टर 150 में डूबकर हुई युवराज मेहता की मौत मामले में बृहस्पतिवार को नोएडा प्राधिकरण ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को 60 पन्नों की रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के अनुसा एसआईटी को अपने सवालों के जवाब नही मिले है। चार विभागों से सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट से संबंधित अधिक जानकारी शामिल थी। ऐसे में चर्चाएं है कि डीएम मेधा रुपम पर भी गाज गिर सकती है।
चर्चाओं का बाजार गरम
बता दें कि एसआईटी की टीम बृहस्पतिवार देर शाम करीब 7 बजकर 20 मिनट पर नोएडा प्राधिकरण पहुंची। प्राधिकरण एसीईओ कृष्णा करुणेश से बातचीत की। इस दौरान पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम समेत तमाम पुलिस व प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे। 8ः30 बजे एडीजी भानु भास्कर व मंडलायुक्त भानु चंद गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता अजय वर्मा अपनी-अपनी गाड़ियों से रवाना हो गए।पुलिस आयुक्त प्राधिकरण कार्यालय के पास ही स्थित डीसीपी कार्यालय चली गईं, जहां वह काफी देर तक रहीं। उधर जिलाधिकारी मेधा रूपम व कृष्णा करूणेश का प्राधिकरण कार्यालय में आधे घंटे से अधिक बातचीत चलती रही। एसआईटी के दोबारा प्राधिकरण पहुंचने पर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है।
चार विभागों से मांगी रिपोर्ट
बताया जाता है कि सेक्टर-150 एससी 02 ए-3 के खाली भूखंड के बेसमेंट के गड्ढे में 16 जनवरी को इंजीनियर युवराज मेहता की कार समेत डूबने के मामले में एसआईटी ने प्राधिकरण के चार विभाग सिविल, एनटीसी, नियोजन, जल खंड से रिपोर्ट तलब की थी।
सात बिंदुओं पर मांगा गया था जवाब
प्राधिकरण से जिन सात बिंदुओं पर जवाब मांगा गया था। उसमें सबसे अधिक स्पोर्ट्स सिटी के 21 प्लाॅटों के आवंटन, ओसी, सीसी, वहां दी जाने वाली युटीलिटी (सड़क, सड़क सुरक्षा, पानी, सीवर) और पजेशन से संबंधित सवाल शामिल रहे। यही नहीं युवराज की घटना से पहले एक ट्रक व एक स्कूटी भी मौके पर दुर्घटना ग्रस्त हुई थी। इसकी सूचना के बाद प्राधिकरण ने क्या क्या कार्रवाई की। इसका भी लेखा-जोखा शामिल रहा।

