अपराध नियंत्रण में दिल्ली पुलिस की तकनीक आधारित रणनीति कारगर

New Delhi newsअपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने वाली दिल्ली पुलिस की रणनीति के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले तीन वर्षों में सेंधमारी और चोरी की विभिन्न श्रेणियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि ई-पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग का भी प्रमाण है।

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, अपराध के लगभग हर प्रमुख शीर्षक में कमी देखी जा रही है। सेंधमारी के मामलों में 2024 में 8,965 की वृद्धि के बाद 2025 में यह संख्या सतर्कता और प्रभावी गश्त से घटकर 6,617 रह गई। घरों में चोरी के 2023 के 21,641 मामलों की तुलना में 2025 में यह 16,246 हो गई। वाहन चोरी, जो हमेशा चुनौती बनी रही, 2023 के 40,045 से घटकर 2025 में 35,014 रह गई। सबसे बड़ी गिरावट अन्य चोरियों में हुई (2023 के 1,58,965 से 2025 में 1,02,906)।

ऑनलाइन एफआईआर और तकनीक का जादू

स्पेशल सीपी क्राइम ब्रांच देवेश श्रीवास्तव के अनुसार, इन मामलों की खासियत यह है कि अधिकांश एफआईआर ऑनलाइन दर्ज हुईं। इससे नागरिकों को थाने के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ी और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से डेटा विश्लेषण आसान हो गया। इससे हाई-रिस्क इलाकों की पहचान कर गश्त बढ़ाई जा सकी।

जीरो टॉलरेंस नीति का असर

यह कमी दिल्ली पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति, सीसीटीवी नेटवर्क और सामुदायिक पुलिसिंग का परिणाम है। हालांकि आंकड़े अभी भी हजारों में हैं, लेकिन नीचे की ओर ग्राफ जनता का विश्वास मजबूत कर रहा है।

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