Noida Yuvraj Mehta death case: पर्यावरण अधिनियम उल्लंघन के आरोप में बिल्डर्स के खिलाफ दूसरी FIR, नोएडा प्राधिकरण पर कार्रवाई जारी

Noida Yuvraj Mehta death case: नोएडा के सेक्टर-150 में एक पानी से भरे बड़े गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने आज बिल्डर्स और संबंधित लोगों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन के आरोप में दूसरी FIR दर्ज की है। आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई और पानी से भरे गड्ढे को खुला छोड़कर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किया गया।

घटना 17-18 जनवरी की रात की है। घने कोहरे के कारण युवराज मेहता की SUV सड़क से फिसलकर निर्माण स्थल पर बने करीब 70 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे (सीवर ट्रेंच) में जा गिरी। युवराज ने अपने पिता को फोन करके मदद मांगी और करीब 90 मिनट तक गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारीयों की लापरवाही और देरी के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने और कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया है।

पुलिस जांच में पता चला कि निर्माण कंपनी ने गड्ढे के आसपास कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी साइन नहीं लगाए थे। साथ ही, पानी का जमाव और उसका प्रबंधन न करने से पर्यावरणीय लापरवाही सामने आई है। इससे पहले लापरवाही के आरोप में एक बिल्डर को गिरफ्तार किया जा चुका है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

ट्रैफिक तथा अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह मामला शहर की बुनियादी सुविधाओं और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की गंभीर कमी को उजागर कर रहा है। कई लोग इसे सिस्टम की उदासीनता का नतीजा बता रहे हैं। जांच जारी है और आगे अपडेट आने की उम्मीद है।

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