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घटना बुधवार देर शाम की है। रिशिकांता काकचिंग जिले के रहने वाले थे और नेपाल में नौकरी करते थे। वे दिसंबर में छुट्टी पर मणिपुर आए थे और कुकी बहुल चुराचंदपुर के तुइबोंग क्षेत्र में अपनी कुकी पत्नी चिंगनू हाओकिप के साथ रह रहे थे। मैतेई संगठनों का दावा है कि पत्नी ने स्थानीय कुकी अधिकारियों और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) से पति के आने की अनुमति ली थी, क्योंकि मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद दोनों समुदाय एक-दूसरे के इलाकों में जाने से बचते हैं।
पुलिस के मुताबिक, अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने रिशिकांता को घर से अगवा किया और नटजांग गांव के पास ले जाकर गोली मार दी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि पत्नी को भी अगवा किया गया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और शव बरामद कर लिया। चुराचंदपुर पुलिस सुपरिटेंडेंट ने पुष्टि की कि जांच चल रही है।
आरोपियों पर संदेह यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA या UNKA) पर है, जो एक उग्रवादी समूह है और केंद्र सरकार के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते का हिस्सा नहीं है। हाल ही में सुरक्षा बलों ने चुराचंदपुर के जंगलों में UKNA के कैंप नष्ट किए थे।
यह हत्या ऐसे समय हुई है जब राज्य में कई महीनों से ऐसी बड़ी घटनाएं नहीं हुई थीं। मई 2023 से चली आ रही मैतेई-कुकी जातीय हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 60 हजार से अधिक विस्थापित हुए हैं। यह घटना राज्य में राजनीतिक गतिविधियों के बीच आई है, जहां राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को खत्म होने वाला है।
मैतेई और कुकी संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने से दोनों समुदायों में तनाव बढ़ गया है। सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है और इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की है। मामला बेहद संवेदनशील है और जांच जारी है, जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है।

