Noida Sector 150 accident: युवराज मेहता की मौत से हड़कंप, पोस्टमॉर्टम में डूबने से दम घुटने की पुष्टि; नोएडा अथॉरिटी CEO हटाए गए, SIT जांच के आदेश

Noida Sector 150 accident: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘एंटे-मॉर्टम डूबने से दम घुटना (asphyxia) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट’ बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की नाक में कीचड़ और पानी जमा था, फेफड़ों में करीब 200 मिली पानी भरा था।

यह हादसा 16-17 जनवरी की मध्यरात्रि को हुआ, जब युवराज गुरुग्राम से अपनी मारुति ग्रैंड विटारा कार से घर लौट रहे थे। घने कोहरे और सड़क पर कोई बैरिकेडिंग न होने के कारण कार एक क्षतिग्रस्त दीवार तोड़कर करीब 70 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में जा गिरी। युवराज कार की छत पर चढ़कर करीब 90 मिनट तक मदद की गुहार लगाते रहे। उन्होंने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर कहा, “पापा, मुझे बचा लो, मैं डूब रहा हूं।”
पिता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम 9-15 मिनट में पहुंच गई, लेकिन घने कोहरे, छोटी रस्सी और संभावित लोहे की रॉड्स के डर से पानी में उतरने में हिचकिचाहट दिखाई। एक डिलीवरी एजेंट ने रस्सी बांधकर पानी में छलांग लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। युवराज की चीखें करीब डेढ़ घंटे तक सुनाई देती रहीं, लेकिन बचाव नहीं हो सका। सुबह करीब 4:30 बजे शव बरामद किया गया।

परिजनों ने दो रियल एस्टेट कंपनियों – MZ विजटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन – के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि निर्माण स्थल पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। दोनों कंपनियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं।

मामले में जनाक्रोश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है:
• नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को हटा दिया गया।
• एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त किया गया, अन्य अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी।
• 5 दिनों में रिपोर्ट देने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई।
• सभी निर्माण स्थलों की सुरक्षा जांच के आदेश।
युवराज अपनी मां को दो साल पहले खो चुके थे और परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। पिता राजकुमार मेहता ने कहा, “मेरा बेटा 2 घंटे तक जिंदगी से जूझता रहा, लेकिन सिस्टम की नाकामी ने उसे मार डाला।”

पुलिस का कहना है कि हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन जीरो विजिबिलिटी और संसाधनों की कमी बाधा बनी। जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

यहां से शेयर करें