नोएडा प्राधिकरणः छोटो पर कार्रवाई, बड़ों को केवल नोटिस, सवाल लापरवाही का जिम्मेदार कौन

नोएडा । यूपी के नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की पानी में डूबने के कारण मौत हो गई। मुकदमा भी दर्ज हो गया और प्राधिकरण के जेई को बर्खास्त कर दिया जबकि बड़े अफसरों की जिम्मेदारी भी बनती है जिन्हें केवल नोटिस दिया गया है। वही इस हादसे में मौत के बाद टाटा यूरेका सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों ने कैंडल मार्च निकाला। निवासियों ने जस्टिस फॉर युवराज के बैनर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया।

नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ निवासियों में भारी रोष
यह हादसा शुक्रवार रात को हुआ था, जब युवराज की कार नाले की दीवार तोड़कर बेसमेंट में बने एक गड्ढे में जा गिरी। कार सहित पानी में डूबने से युवराज की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवराज को समय पर मदद नहीं मिल पाई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। संडे शाम को निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान बिल्डर और नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ निवासियों में भारी रोष देखा गया। उन्होंने कहा कि यदि सेक्टर 150 का विकास सही ढंग से किया गया होता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। निवासियों ने अधूरे निर्माण कार्यों और जगह-जगह खुले गड्ढों पर सवाल उठाए। निवासियों ने यह भी बताया कि युवराज काफी देर तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे समय पर सहायता नहीं मिल पाई। उन्होंने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थिति में सुधार किया जाए।

दो बिल्डर पर मुकदमा दर्ज
कार सेक्टर-150 के खाली प्लाट में गिरी। पुलिस ने पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले की जांच की जा रही है। इससे पहले आज घटना के स्थल पर बैरीकेड कर दिए गए है। ताकि और कोई घटना न हो। इसमें पहला बिल्डर एमएजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और दूसरा लोट्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड है।

 

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