10 हजार की SIP से 5 साल में बने 10 लाख, 2026 में और महंगा होगा सोना!

Gold ETF Magic:

Gold ETF Magic: नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश तेजी से बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि बेहतर और स्थिर रिटर्न के कारण गोल्ड ईटीएफ अन्य निवेश विकल्पों पर भारी पड़ रहा है।

Gold ETF Magic:

पिछले एक साल में घरेलू बाजार के कई गोल्ड ईटीएफ ने 76 से 79 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न दिया है, जो किसी भी बैंक एफडी या पारंपरिक निवेश से कहीं अधिक है। फिलहाल बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिकतम 7 से 7.5 प्रतिशत तक ही रिटर्न मिल रहा है।

5 साल में SIP से बना 10 लाख का फंड

वर्ष 2020 के मध्य में यदि किसी निवेशक ने गोल्ड ईटीएफ में 10,000 रुपये प्रति माह की SIP शुरू की होती, तो पांच साल में उसका कुल निवेश 6 लाख रुपये होता। इस दौरान करीब 21 प्रतिशत के औसत रिटर्न के साथ यह रकम बढ़कर लगभग 10 लाख रुपये हो गई।

गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर गोल्ड ईटीएफ में करीब 77 अरब डॉलर का निवेश हुआ। यही कारण है कि बीते एक साल में कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अपने नए गोल्ड ईटीएफ लॉन्च किए हैं। पिछले पांच साल के औसत रिटर्न को देखें तो गोल्ड ईटीएफ ने ज्यादातर निवेश विकल्पों को पीछे छोड़ दिया है।

केंद्रीय बैंकों की खरीद से बढ़ी कीमत

जानकारों के मुताबिक, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी भी कीमतों को मजबूती दे रही है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों ने 1100 टन से अधिक सोना खरीदा है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का अनुमान है कि वर्ष 2026 में सोना 15 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे सकता है। फिलहाल सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,45,445 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है।
31 दिसंबर को इसकी कीमत 1.36 लाख रुपये थी, जबकि 15 जनवरी 2025 को यह 81,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी।

आगे और बढ़ेंगे दाम

नियो इकोनामिस्ट्स के मुख्य अर्थशास्त्री एस.पी. शर्मा के अनुसार,

“वर्तमान वैश्विक हालात को देखते हुए सोने की कीमतों में तेजी को रोका नहीं जा सकता। डॉलर पर घटता भरोसा और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता सोने को मजबूती दे रही है। गोल्ड ईटीएफ ने सोने की खरीद और बिक्री को बेहद आसान बना दिया है।”

2003 में हुई थी गोल्ड ईटीएफ की शुरुआत

गोल्ड ईटीएफ सीधे तौर पर सोने की कीमत से जुड़ा होता है और इसे शेयर की तरह डिजिटल रूप में खरीदा-बेचा जा सकता है। आमतौर पर इसकी खरीद-फरोख्त प्रति ग्राम के आधार पर होती है। एसबीआई समेत कई सरकारी और निजी बैंक व निवेश कंपनियां गोल्ड ईटीएफ उपलब्ध कराती हैं।
गोल्ड ईटीएफ की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी, जिसके बाद सोने में निवेश का नजरिया पूरी तरह बदल गया।

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