-New Delhi news दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (एआरएससी) ने नकली एनसीईआरटी किताबों की अवैध छपाई और सप्लाई में शामिल एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुमित (35), विनोद जैन (65) और कनिष्क (32) के रूप में हुई है। इस कार्रवाई में कुल 44,862 नकली एनसीईआरटी किताबें, दो ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस मशीनें, पेपर रील, प्रिंटिंग इंक और एल्युमिनियम प्रिंटिंग प्लेट्स बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
डीसीपी संजीव कुमार यादव ने शनिवार को बताया कि पुलिस टीम को 10 नवंबर 2025 को दरियागंज इलाके में नकली एनसीईआरटी किताबों के भंडारण की सूचना मिली थी। एनसीईआरटी के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर की गई छापेमारी में 12,755 पायरेटेड किताबें बरामद की गईं। इसके बाद क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान 16 जनवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित गांव जावली में एक अवैध प्रिंटिंग फैक्ट्री पर छापा मारा गया। यहां से 32,107 नकली एनसीईआरटी किताबें और प्रिंटिंग से जुड़ा पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर जब्त किया गया। फैक्ट्री संचालक सुमित को मौके से गिरफ्तार किया गया, जो पहले पकड़े गए आरोपियों कनिष्क और विनोद जैन को किताबों की सप्लाई कर रहा था। विनोद जैन पहले भी इसी तरह के मामले में संलिप्त रह चुका है।


