Indian sailors stranded in Iran: ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा 8 दिसंबर 2025 को जब्त किए गए ऑयल टैंकर MT Valiant Roar के 16 भारतीय क्रू मेंबर्स अभी भी हिरासत में हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के चीफ ऑफिसर अनिल सिंह भी शामिल हैं। आरोप कच्चे तेल की तस्करी का है। परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से तत्काल रिहाई की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कॉन्सुलर एक्सेस मांगा है और स्थिति पर नजर रख रहा है।
शिप दुबई-बेस्ड Glory International FZ LLC की है और UAE के दिब्बा पोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पकड़ी गई। IRGC ने जहाज पर 6000 मीट्रिक टन फ्यूल की तस्करी का आरोप लगाया। क्रू में 16 भारतीय, एक श्रीलंकाई और एक बांग्लादेशी थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 भारतीयों को जेल भेजा गया, जबकि बाकी जहाज पर ही बंधक हैं। क्रू मेंबर्स से 31 दिसंबर 2025 के बाद कोई संपर्क नहीं हुआ।
अनिल सिंह के परिवार की गुहार
प्रतापगढ़ के अनिल सिंह (2009 से मर्चेंट नेवी में) की पत्नी गायत्री सिंह और बेटे ऋतुराज ने जिला प्रशासन से मदद मांगी। शुक्रवार को उन्होंने डीएम शिव सहाय अवस्थी से मुलाकात की और ऑनलाइन पत्र विदेश मंत्रालय को भेजा। गायत्री ने कहा, “मेरा पति निर्दोष है, सिर्फ ड्यूटी कर रहा था। PM मोदी से अपील है कि उन्हें और अन्य नाविकों को सुरक्षित वापस लाएं।”
इसी तरह गाजियाबाद के केतन मेहता (थर्ड इंजीनियर) सहित अन्य परिवारों ने भी अपील की है। कई परिवारों का कहना है कि क्रू मेंबर्स को बिना ठोस सबूत के हिरासत में रखा गया है।

सरकार का रिस्पॉन्स
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि 10 भारतीय हिरासत में हैं और कॉन्सुलर एक्सेस के लिए ईरान से बात चल रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। ईरान में जारी अशांति के बीच भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है।
यह मामला भारत-ईरान संबंधों में नया तनाव पैदा कर सकता है। पहले भी भारतीय नाविक ईरान या अन्य देशों में फंस चुके हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में डिप्लोमैटिक प्रयासों से रिहा हुए हैं। फिलहाल क्रू की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास जारी हैं|

