आज हुई पूछताछ, कैप्टन आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुए पेश
सूत्रों के अनुसार, कैप्टन वरुण आनंद आज (15 जनवरी) निर्धारित तारीख पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए AAIB के सामने पेश हुए और जांच अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए। हालांकि FIP ने इस तलब को “बिना आधार” और “पेशेवर व व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाने वाला” बताया है। फेडरेशन का कहना है कि समन में न तो कानूनी आधार बताया गया, न ही पूछताछ का उद्देश्य स्पष्ट किया गया और न ही यह बताया गया कि कैप्टन आनंद को किस हैसियत से बुलाया जा रहा है।
FIP की ओर से AAIB को भेजे गए नोटिस में कहा गया है, “दुर्घटना से कैप्टन वरुण आनंद का कोई सीधा संबंध नहीं है। इतने बड़े निजी नुकसान के बाद उन्हें इस तरह तलब करना पूरी तरह अनुचित है और यह प्रताड़ना की श्रेणी में आता है। इससे उनके पेशेवर और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है।”
दुर्घटना की याद 12 जून 2025 को लंदन जाने वाली एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद क्रैश हो गई थी। विमान Meghani Nagar स्थित BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल कॉम्प्लेक्स पर गिरा था। हादसे में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। यह हाल के वर्षों में भारत की सबसे भयावह विमान दुर्घटनाओं में से एक है।
जुलाई में जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों में ईंधन की सप्लाई अचानक रुक गई थी, जिससे विमान क्रैश हो गया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फ्यूल स्विच में बदलाव गलती से हुआ या जानबूझकर। कुछ पर्यवेक्षकों ने पायलट्स को जिम्मेदार ठहराया था, जिससे जांच और विवादित हो गई।
सरकारी और कंपनी कार्रवाई दुर्घटना के बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के पूरे 787-8/9 ड्रीमलाइनर फ्लीट पर अतिरिक्त सेफ्टी चेक का आदेश दिया था। टाटा ग्रुप (एयर इंडिया की पैरेंट कंपनी) ने पीड़ित परिवारों को 1.25 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की थी। AAIB की अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है और जांच जारी है।
पायलट्स फेडरेशन का कहना है कि जांच में पारदर्शिता होनी चाहिए और बिना ठोस आधार के पायलट्स या उनके परिवारों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। इस मामले पर एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पूछताछ परिवार के सदस्यों से तकनीकी जानकारी या बैकग्राउंड समझने के लिए हो सकती है, लेकिन इसे संवेदनशील तरीके से संभालना जरूरी है।
जांच के अगले चरणों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

