Seeking the suspension of Bengal DGP Rajeev Kumar: ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की नई अर्जी, आई-पैक छापेमारी मामले में आज सुनवाई

Seeking the suspension of Bengal DGP Rajeev Kumar: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल कर पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार को निलंबित करने की मांग की है। यह अर्जी राजनीतिक रणनीति फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (आई-पैक) पर पिछले हफ्ते हुई छापेमारी से जुड़े मामले की आज होने वाली सुनवाई से ठीक पहले दाखिल की गई है। ईडी ने आरोप लगाया है कि राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप किया और जांच में बाधा डाली।

ईडी की मुख्य याचिका में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 8 जनवरी को कोलकाता में आई-पैक कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के दौरान बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। एजेंसी का दावा है कि मुख्यमंत्री स्वयं मौके पर पहुंचीं, वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेताओं के साथ ईडी अधिकारियों से भिड़ीं और कुछ फाइलें एवं दस्तावेज अपने साथ ले गईं, जिससे जांच प्रभावित हुई।
नई अर्जी में ईडी ने राजीव कुमार के पुराने आचरण का भी जिक्र किया है। एजेंसी ने कहा कि जब कुमार कोलकाता पुलिस कमिश्नर थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ धरना दिया था, जो मामला सीबीआई जांच से जुड़ा था। ईडी ने कुमार समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है।

यह मामला कोयला तस्करी घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्डरिंग जांच का हिस्सा है। ईडी का आरोप है कि करीब 10 करोड़ रुपये की अपराध आय हवाला के जरिए आई-पैक को ट्रांसफर की गई थी। आई-पैक को तृणमूल कांग्रेस ने 2022 गोवा विधानसभा चुनाव में सेवाओं के लिए भुगतान किया था।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम पांचोली की बेंच आज इस मामले की सुनवाई करेगी। ईडी ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल की है, जिसमें ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा और दक्षिण कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर प्रियब्रत रॉय को पक्षकार बनाया गया है।

एजेंसी ने सीबीआई से स्वतंत्र जांच की भी मांग की है, क्योंकि राज्य सरकार और पुलिस की ओर से कथित सहयोग की कमी और बाधा के कारण निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी, जिससे केंद्र और राज्य के बीच तनाव और बढ़ गया।

इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें ईडी पर संवेदनशील दस्तावेज जब्त करने का आरोप लगाया गया था। ईडी ने कोर्ट में कहा कि उसने आई-पैक से कोई सामग्री जब्त नहीं की।

मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, क्योंकि आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। सुनवाई का परिणाम दोनों पक्षों के लिए अहम होगा।

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