बॉलीवुड दक्षिण में क्यों फिसलता है?
ट्रेड विशेषज्ञ रमेश बाला और गिरीश जौहर के अनुसार, दक्षिण भारतीय दर्शक अपनी क्षेत्रीय फिल्मों से पूरी तरह संतुष्ट हैं। तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा स्थानीय संस्कृति से गहराई से जुड़े हैं और स्टार्स के प्रति फैन लॉयल्टी बेहद मजबूत है। बॉलीवुड फिल्मों को दक्षिण में लंबे समय से टीवी या अन्य माध्यमों से वह परिचितता नहीं मिली, जो दक्षिण की फिल्मों को हिंदी बेल्ट में मिली।
दशकों से सेटेलाइट टीवी पर रजनीकांत, कमल हासन, मोहनलाल और मम्मूट्टी की फिल्में हिंदी दर्शकों तक पहुंचीं, जिससे भाषाई बाधा कम हुई। नतीजा यह कि ‘बाहुबली’, ‘केजीएफ’, ‘पुष्पा’, ‘आरआरआर’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्में हिंदी बाजार में इवेंट बन गईं। वहीं, बॉलीवुड की ‘टाइगर 3’, ‘राम सेतु’, ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ जैसी बड़ी फिल्में डब करके दक्षिण में फ्लॉप हो गईं।
कुछ अपवाद जैसे ‘जवान’ सफल रहे क्योंकि शाहरुख खान ने नयनतारा और विजय सेतुपति जैसे दक्षिण स्टार्स को शामिल किया, जिससे स्थानीय कनेक्शन बना। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्शन, स्केल और म्यूजिक दक्षिण फिल्मों को हिंदी बेल्ट में मदद करते हैं, लेकिन बॉलीवुड अक्सर शहरी कहानियों को जबरन पैन-इंडिया बनाने की कोशिश में सांस्कृतिक गलतियां करता है, जैसे स्टीरियोटाइपिंग या गलत क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व।
2025 का ‘धुरंधर तूफान’ और साउथ की कमजोर पारी
2025 में आदित्य धर निर्देशित ‘धुरंधर’ (रणवीर सिंह स्टारर स्पाई थ्रिलर) ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। राष्ट्रवाद और पाकिस्तान बैकड्रॉप वाली यह फिल्म 800 करोड़ से ज्यादा कमाई कर 2025 की सबसे बड़ी बॉलीवुड हिट बनी। निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने तो यहां तक कह दिया कि यह फिल्म दक्षिण सिनेमा को अप्रासंगिक बना देगी। 2025 में साउथ की ओर से केवल ‘कांतारा’ ही पैन-इंडिया हिट रही, जबकि तेलुगु इंडस्ट्री का कोई बड़ा पैन-इंडिया सफलता नहीं मिली।
2026: साउथ की धमाकेदार वापसी
ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला और गिरीश वानखेड़े इसे अस्थायी कमजोरी मानते हैं और 2026 को साउथ का ‘स्ट्राइक-बैक’ साल बता रहे हैं। बड़े स्टार्स की वापसी और पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स से दक्षिण सिनेमा फिर राष्ट्रीय स्तर पर छा सकता है। प्रमुख फिल्में:
• द राजा साब (प्रभास, मारुति निर्देशन) – रोमांटिक हॉरर-कॉमेडी, मास अपील।
• जन नायकन (विजय की आखिरी फिल्म, एच विनोथ निर्देशन) – पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर।
• टॉक्सिक (यश, गीतु मोहंदास निर्देशन) – पीरियड गैंगस्टर ड्रामा।
• पेद्दी (राम चरण, बुची बाबू साना निर्देशन) – स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा।
• जेलर 2 (रजनीकांत, नेल्सन दिलीपकुमार निर्देशन) – स्टाइलिश एक्शन।
• जी2 (आदिवी शेष) – स्पाई थ्रिलर।
• दृष्टि 3 (मोहनलाल) – क्राइम ड्रामा।
• द पैराडाइज (नानी) – एक्शन थ्रिलर।
• सूर्या 46 (सूर्या) – फैमिली ड्रामा।
• पैट्रियट (मोहनलाल-मम्मूट्टी) – एस्पियनाज थ्रिलर।

अन्य फिल्में जैसे ‘विश्वंभरा’ (चिरंजीवी) भी पैन-इंडिया टारगेट कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये फिल्में एक्शन, इमोशन और स्केल से बॉलीवुड को कड़ी टक्कर देंगी, जबकि दोनों इंडस्ट्रीज का सह-अस्तित्व दर्शकों के लिए फायदेमंद रहेगा।
पैन-इंडिया सफलता अब भाग्य नहीं, रणनीति की बात है। 2026 में देखना दिलचस्प होगा कि बैलेंस वापस आता है या नहीं।

