Meerut Ruby kidnapping case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र स्थित कपसाड़ गांव में गुरुवार (8 जनवरी) सुबह हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद तनाव चरम पर है। दलित महिला सुनीता (45 वर्ष) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, जबकि उनकी 20 वर्षीय बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी रूबी का कोई पता नहीं चला है, और मुख्य आरोपी पारस सोम (राजपूत समाज) सहित अन्य फरार हैं।
घटना का विवरण
सुबह करीब 8 बजे सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ गन्ने के खेत पर सिंचाई करने जा रही थीं। रास्ते में गांव के ही पारस सोम और उसके साथियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने रूबी के साथ अभद्रता की और जबरन उसे बाइक पर बैठाकर ले गए। मां सुनीता के विरोध करने पर आरोपियों ने गंडासे या धारदार हथियार से उन पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मरने से पहले सुनीता ने आरोपियों के नाम बता दिए थे।
परिजनों का कहना है कि यह घटना जातिगत दबंगई का नतीजा है। पीड़ित परिवार दलित समुदाय से है, जबकि आरोपी राजपूत समाज से है। परिवार ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं—रूबी की सकुशल बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय—और इनकी पूर्ति तक सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला किया है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने गांव को छावनी में बदल दिया है। प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है, और बाहर से आने वालों पर सख्त निगरानी है। मेरठ पुलिस ने 10 से अधिक टीमों का गठन किया है, जिसमें स्वाट और सर्विलांस टीमें शामिल हैं। करीब 200 पुलिसकर्मी रूबी की तलाश और आरोपियों की धरपकड़ में जुटे हैं। दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छापेमारी चल रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे, लेकिन अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।
राजनीतिक हंगामा
घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड पर रोक दिया। इससे नाराज विधायक धरने पर बैठ गए और पुलिस से झड़प हुई। प्रधान ने आरोप लगाया कि पुलिस गुंडागर्दी करने वालों को बचाने की कोशिश कर रही है।
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने गांव आने और पीड़ित को न्याय दिलाने का ऐलान किया है। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने योगी सरकार पर कानून-व्यवस्था फेल होने का आरोप लगाया है।
गांव में भारी तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स तैनात है। पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन रूबी की बरामदगी तक इलाके में अशांति बनी रह सकती है।
यह मामला जातिगत हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा रहा है। पुलिस से उम्मीद है कि जल्द ही अपहृत युवती को सुरक्षित बचाया जाएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।

