Indore-like incident in Greater Noida: डेल्टा-1 सेक्टर में सीवर का पानी मिलने से 25 से अधिक लोग बीमार, निवासियों में आक्रोश, प्राधिकरण की जांच जारी

Indore-like incident in Greater Noida: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में पीने के पानी की सप्लाई में सीवर की गंदगी मिलने की घटना सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ दिनों से दूषित पानी पीने से 25 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। मरीजों में मुख्य रूप से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायतें हैं। खासकर बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

निवासियों का आरोप है कि जर्जर पाइपलाइन और सीवर लाइन लीकेज के कारण गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा था। सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रमोद भाटी ने बताया कि शिकायतों के बाद प्राधिकरण की टीम ने खुदाई कर जांच की और अस्थायी रूप से मिट्टी भरकर लीकेज रोका गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। अल्फा-2 सेक्टर में भी इसी तरह की समस्या सामने आई, जहां निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर बिना सैंपल या टीडीएस जांच के क्लीन चिट देने का आरोप लगाया।

स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर मेडिकल कैंप लगाकर 25 से अधिक मरीजों का इलाज किया और मुफ्त दवाइयां बांटीं। कुछ मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। निवासियों ने इंदौर की हालिया त्रासदी जैसी स्थिति से डर व्यक्त किया, जहां दूषित पानी से कई मौतें हुई थीं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग का कहना है कि ज्यादातर जगहों पर पानी साफ पाया गया, केवल कुछ कनेक्शनों में दिक्कत थी जिसे ठीक कर दिया गया। सीवर मिश्रण के सबूत नहीं मिले, लेकिन सैंपल लैब भेजे गए हैं। प्राधिकरण ने सभी क्षेत्रों में रैंडम पानी जांच के निर्देश दिए हैं और दूषित सप्लाई की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए: वरिष्ठ प्रबंधक जल – 9205691408, प्रबंधक जल – 8937024017।

निवासियों का कहना है कि पिछले 6-7 महीनों से गंगाजल पाइपलाइन में बार-बार लीकेज के कारण ग्राउंडवॉटर पर निर्भरता बढ़ी है, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। शहरवासियों में रोष है और स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई है। प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है कि जांच जारी है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।

आगे की अपडेट के लिए संबंधित विभागों पर नजर रखी जा रही है।

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