Violence at Delhi’s Faiz-e-Ilahi Mosque: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान में हिंसा के बाद FIR दर्ज, 5 गिरफ्तार; पुलिस जांच कर रही साजिश का कोण

Violence at Delhi’s Faiz-e-Ilahi Mosque: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद से सटी भूमि पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के कोर्ट आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा पर दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पथराव को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि कानून के दायरे में हो रहे काम में बाधा डालना या हिंसा करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। “कुछ आपराधिक और शरारती तत्वों ने प्रदर्शन और हिंसा का सहारा लिया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

सूद ने स्पष्ट किया कि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है और कार्रवाई केवल अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (डायग्नोस्टिक सेंटर, बैंक्वेट हॉल, दो मंजिला बाउंड्री वॉल आदि) तक सीमित थी। करीब 36,000 वर्ग फुट अतिक्रमित क्षेत्र साफ किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी उकसावे में न आएं और असामाजिक तत्वों की पहचान में प्रशासन का सहयोग करें। “उकसावे में आकर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अफवाहें फैलाई गईं कि मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जिससे कुछ युवक बाइक पर पहुंचे और पथराव करना शुरू कर दिया।

घटना बुधवार तड़के हुई, जब MCD ने दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर मस्जिद से सटी भूमि पर अवैध अतिक्रमण (बैंक्वेट हॉल, डायग्नोस्टिक सेंटर, पार्किंग आदि) हटाने के लिए 30-32 बुलडोजर और JCB मशीनें तैनात कीं। इस दौरान 20-30 लोगों ने पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं, जिसमें 5 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। MCD ने स्पष्ट किया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अभियान कोर्ट के आदेश के अनुपालन में था। करीब 36,000-38,940 वर्ग फुट अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया।

FIR और जांच
दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 121, 191, 223(A), 3(5) तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है और CCTV फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो तथा बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की जांच हो रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि पत्थर और बोतलें पहले से जमा की गई थीं या नहीं, और अफवाहें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। डीसीपी (सेंट्रल) निधिन वलसन ने कहा कि 25-30 लोग पथराव में शामिल थे और हिंसा सहज नहीं लग रही।

राजनीतिक प्रतिक्रिया
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने पथराव को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जॉइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम थे और अमन कमिटी से बैठकें हुई थीं।

पृष्ठभूमि
हाईकोर्ट ने नवंबर 2025 में रामलीला मैदान के पास अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। मस्जिद प्रबंधन कमिटी ने इसे चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने MCD को कार्रवाई की अनुमति दी। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को है।

वर्तमान में इलाका छावनी में तब्दील है, भारी पुलिस और RAF तैनात है तथा स्थिति सामान्य बताई जा रही है। और गिरफ्तारियां संभव हैं।

यहां से शेयर करें