Contaminated water is a growing problem in Delhi-NCR: इंदौर की घटना के बाद लोग सहमे, दिसंबर में 33 सैंपल फेल, पुरानी पाइपों से खतरा

Contaminated water is a growing problem in Delhi-NCR: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से कई मौतों की घटना के बाद दिल्ली में भी पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में डर बैठ गया है। राजधानी समेत एएनसीआर के कई इलाकों में गंदा, बदबूदार और दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें लगातार आ रही हैं। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की लैबोरेट्रीज में दिसंबर 2025 में जांचे गए सैंपलों में से 33 फेल पाए गए, जबकि यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ने और पुरानी पाइपलाइनों के लीकेज से समस्या गंभीर हो रही है।

पांडव नगर, जनकपुरी, वसंत कुंज और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में निवासियों ने गंदे पानी की शिकायत की है। लोग बता रहे हैं कि नल से आने वाला पानी बदबूदार और गंदला है, जिससे पेट की बीमारियां बढ़ रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 11 से 18 दिसंबर 2025 के बीच जल शोधन संयंत्रों से लिए गए 33 सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हो गए। दिसंबर के पहले पखवाड़े में DJB लैब्स ने 7,129 सैंपल टेस्ट किए, लेकिन कई में बैक्टीरिया और अन्य प्रदूषक मिले।

पुरानी पाइपलाइनें बड़ी समस्या
DJB की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की करीब 18% पानी की पाइपलाइनें 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं। ये पाइपें लीकेज और क्रैक की शिकार हैं, जिससे सीवर का पानी पीने के पानी में मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ई-कोलाई, कोलीफॉर्म और अन्य बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर भी चिंता का विषय है। TERI की एक स्टडी ने DJB के दावों पर सवाल उठाते हुए दिसंबर 2025 में अमोनिया लेवल 27-30 mg/l तक दर्ज किया, जबकि DJB इसे कम बता रहा है। उच्च अमोनिया से जल शोधन संयंत्रों की क्षमता घटती है और पानी की सप्लाई प्रभावित होती है।

जांच लैब्स पर बड़ा सवाल
इंदौर संकट के बाद दिल्ली की पानी जांच व्यवस्था पर भी उंगली उठ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, DJB की 25 से ज्यादा पब्लिक वॉटर टेस्टिंग लैब्स में से केवल 2 ही ग्लोबल स्टैंडर्ड (NABL एक्रेडिटेड) पर खरी उतरती हैं। इससे जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई इलाकों में लोग निजी RO या फिल्टर पर निर्भर हैं, लेकिन गरीब बस्तियों में यह सुविधा नहीं है।

लोगों में बीमारियों का खतरा
दूषित पानी से पेट दर्द, दस्त, उल्टी और अन्य संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि लंबे समय तक ऐसे पानी के सेवन से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। निवासी शिकायत कर रहे हैं कि समस्या की रिपोर्ट करने पर तुरंत कार्रवाई नहीं होती। NGT की सख्ती के बाद कुछ इलाकों में पाइपलाइन बदलने का काम शुरू हुआ है, लेकिन पूरी दिल्ली में यह चुनौती बड़ी है।

DJB का कहना है कि पानी की नियमित जांच हो रही है और लीकेज ठीक किए जा रहे हैं। लेकिन इंदौर जैसी घटना न हो, इसके लिए पारदर्शी और सख्त सिस्टम की जरूरत विशेषज्ञ बता रहे हैं। दिल्लीवासियों की सेहत दांव पर है, और प्रशासन से त्वरित कदम उठाने की मांग तेज हो रही है।

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