Baba Ram Rahim: चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल प्रदान की गई है। यह पैरोल जेल प्रशासन की संस्तुति पर, निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत और मानवीय आधारों को ध्यान में रखते हुए मंजूर की गई है। इससे पहले अगस्त माह में रक्षाबंधन से पूर्व भी उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई थी। वर्ष 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद अब तक उन्हें कुल 15 बार पैरोल अथवा फरलो की सुविधा मिल चुकी है।
Baba Ram Rahim
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार राम रहीम को हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल से 40 दिनों की पैरोल डेरा सच्चा सौदा के सिरसा आश्रम में रहने के लिए दी गई है। पैरोल अवधि के दौरान वह सिरसा डेरे में ही प्रवास करेंगे और वहीं अपनी अवधि पूरी करेंगे। जेल से बाहर निकलने के बाद उन्हें सीधे सिरसा रवाना किया जाएगा।
जेल सूत्रों ने बताया कि सजा के दौरान राम रहीम का आचरण संतोषजनक पाया गया है और उन्होंने जेल नियमों का पालन किया है। इसी आधार पर जेल प्रशासन की रिपोर्ट के बाद सक्षम प्राधिकारी ने पैरोल को स्वीकृति दी। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि पैरोल किसी प्रकार की सजा में छूट नहीं, बल्कि सुधारात्मक व्यवस्था का हिस्सा होती है, जिसका उद्देश्य बंदी के सामाजिक पुनर्वास, मानसिक संतुलन और पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में सहायता देना होता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत द्वारा दोषसिद्धि के बाद से राम रहीम सजा काट रहे हैं। इस दौरान उन्हें जेल नियमों के अंतर्गत समय-समय पर पैरोल और फरलो की सुविधा दी गई है, जो कानून में प्रत्येक पात्र बंदी के लिए प्रावधानित है।
कानूनी विशेषज्ञों का भी कहना है कि पैरोल का उद्देश्य बंदी को समाज से जोड़े रखना और सुधार की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना होता है। इसी दृष्टिकोण से राम रहीम को मिली यह पैरोल भी कानून सम्मत मानी जा रही है।
वहीं डेरा समर्थकों का कहना है कि पैरोल अवधि के दौरान राम रहीम सामाजिक, आध्यात्मिक और मानवीय गतिविधियों से जुड़े रहते हैं तथा अपने अनुयायियों को सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश देते हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पैरोल की अवधि में सभी शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।
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