आज शाम 5:30 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 230 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यह नए साल के दिन (1 जनवरी) दर्ज किए गए 380 AQI (‘बहुत खराब’ श्रेणी) की तुलना में काफी बेहतर है।
गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिसके बाद तेज हवाओं ने वायु में जमा प्रदूषकों को छितराने में बड़ी मदद की। इसी सुधार के चलते अधिकारियों ने GRAP-3 के प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया।
इससे पहले दिसंबर में भी वायु गुणवत्ता बेहतर होने पर GRAP-3 हटाए गए थे। नवंबर में सर्दी शुरू होते ही प्रदूषण बढ़ने पर ये प्रतिबंध लगाए गए थे। पिछले हफ्ते सबसे सख्त GRAP-4 प्रतिबंध हटाए गए थे, लेकिन GRAP-3 अभी भी जारी थे।
GRAP-3 में क्या-क्या प्रतिबंध थे?
• गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक, जैसे मिट्टी खोदना, पाइलिंग, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टरिंग और फ्लोरिंग।
• रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन गतिविधियों पर पूरी रोक।
• BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल चार पहिया वाहनों पर बैन।
• गैर-जरूरी डीजल मध्यम माल वाहनों और CNG/इलेक्ट्रिक/BS-6 मानक से नीचे के अंतरराज्यीय डीजल बसों पर प्रतिबंध।
• गैर-मान्य ईंधन इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को बंद करने के आदेश।
GRAP-1 और GRAP-2 में अभी क्या नियम लागू हैं?
GRAP-1 (14 अक्टूबर से लागू) मुख्य रूप से धूल नियंत्रण और औद्योगिक उत्सर्जन पर फोकस करता है। GRAP-2 में इनके अलावा और सख्त कदम उठाए जाते हैं:
• कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध।
• डीजल जनरेटर सेट के संचालन पर और सख्ती।
• प्रमुख सड़कों पर रोजाना मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और पानी का छिड़काव।
• भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने के उपाय।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हवाएं और बारिश की संभावना से प्रदूषण में और सुधार की उम्मीद है, लेकिन नागरिकों से अपील है कि वे प्रदूषण कम करने वाले उपायों का पालन करते रहें।

