पुलिस जांचों से पता चला है कि अधिकांश मामलों में अवैध संबंध ही इस तरह के कारणों का प्रेरणा का स्रोत बन रहा हैं। आरोपी महिलाएं ऑनलाइन जहर मंगवाती हैं और उसे दही, कॉफी या रोजमर्रा के भोजन में मिला देती हैं। फरीदकोट (पंजाब) का एक ताजा मामला इसकी मिसाल दे रहा है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पति को जहर दिया, फिर उसकी हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, महिला लंबे समय से प्रेमी के संपर्क में थी और उसने धीरे-धीरे जहर देकर पति की हालत बिगाड़ी।
उत्तर प्रदेश में यह समस्या और गंभीर रूप ले चुकी है। फिरोजाबाद जिले में एक महिला ने ऑनलाइन सल्फास मंगवाकर उसे दही में मिला दिया, जिससे उसके पति की मौत हो गई। दो महीने बाद खुलासा हुआ जब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू की। आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी तरह, मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर में एक पत्नी ने कॉफी में जहर मिलाकर पति को बेहोश कर दिया। पति को मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पत्नी ने पहले मारपीट का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन मोबाइल पर लगातार बातचीत से प्रेम संबंधों का राज खुल गया।
फतेहपुर जिले में भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पत्नी ने पानी में जहर मिलाकर पति को मारने की कोशिश की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पत्नी सुशीला ने अवैध संबंधों के कारण यह कदम उठाया। बिहार के समस्तीपुर में ससुराल पक्ष पर भी संदेह है, जहां पत्नी के जीजा से संबंध होने पर पति की संदिग्ध मौत हो गई। चार दिन बाद लाश मिली, और ससुराल वाले फरार हो गए।
दक्षिण भारत में भी यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। कर्नाटक के मैसूर में एक महिला ने अवैध संबंधों के चलते पति और बच्चों को जहर युक्त भोजन खिलाने की कोशिश की। उडुपी में एक पत्नी ने प्रेमी की मदद से पति को जहर देकर दबोच दिया। अमृतसर (पंजाब) में एक महिला ने पति और सास को धीमे जहर से मार डाला, जिसके लिए उसके दो भाइयों को भी गिरफ्तार किया गया। झारखंड में शादी के महज 36 दिनों बाद ही एक पत्नी ने पति को जहर देकर हत्या कर दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये मामले घरेलू हिंसा के उलट रूप हैं, जहां पारंपरिक भूमिकाएं उलट रही हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, धीमा जहर जैसे सल्फास या पारा लक्षणों को बीमारी का रूप दे देता है, जिससे जांच में देरी होती है। गुवाहाटी में एक मामले में पत्नी ने भोजन के जरिए धीमा जहर दिया, जो अवैध संबंधों से प्रेरित था। केरल के कूडाथायी साइनाइड किलिंग्स जैसे बड़े मामले भी इसी श्रृंखला का हिस्सा हैं, जहां एक महिला ने 14 वर्षों में कई रिश्तेदारों को जहर देकर मार डाला।
पुलिस और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी जारी की है कि संदिग्ध लक्षणों पर तुरंत जांच कराएं। एनसीआरबी डेटा के अनुसार, वैवाहिक हत्याओं में जहर का उपयोग 20% बढ़ गया है। यह न केवल कानूनी सजा का विषय है, बल्कि परिवारों के टूटने का कारण भी बन रहा है। समाज को जागरूक होने की जरूरत है, ताकि ये ‘धीमे हत्यारे’ रुक सकें।

