GRAP-3 लागू, कक्षा 5 तक की स्कूलों में हाइब्रिड मोड

Pollution wreaks havoc in the news: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। मंगलवार सुबह शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 425 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तीसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने भी कक्षा 5 तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड की घोषणा की है, जिसमें छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “GRAP-3 लागू कर दिया गया है और सभी सुरक्षा उपाय किए जा चुके हैं। कक्षा 5 तक के स्कूल हाइब्रिड मोड में चलेंगे- ऑनलाइन और फिजिकल क्लासेस…” उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार ने सभी संबंधित विभागों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की है और प्रदूषण की स्थिति सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

गुप्ता ने पड़ोसी राज्यों से आने वाले वाहनों और धुएं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले सात-आठ महीनों में सरकार ने इन मुद्दों पर पूरे जोश के साथ काम किया है और जारी रख रही है। कचरा ढेरों को हटाने के लिए ‘बीफोर एंड आफ्टर’ फोटो मांगे जा रहे हैं, जबकि सभी हॉटस्पॉट्स पर निगरानी हो रही है।

प्रदूषण के पीछे के कारण
CAQM के अनुसार, प्रदूषण में वृद्धि का मुख्य कारण शांत हवाएं, स्थिर वातावरण और प्रतिकूल मौसम हैं, जिससे प्रदूषक सतह के करीब जमा हो गए हैं। सोमवार को AQI 362 (बहुत खराब) था, जो मंगलवार सुबह तेजी से 421 पर पहुंच गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर है, जो सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों के उत्सर्जन, पराली जलाना, पटाखे और स्थानीय स्रोतों से प्रदूषण ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

GRAP-3 के प्रमुख प्रतिबंध
GRAP के तीसरे चरण के तहत दिल्ली-एनसीआर में कई सख्त कदम उठाए गए हैं:
• निर्माण और विध्वंस पर पूर्ण प्रतिबंध: गैर-जरूरी निर्माण कार्य पूरी तरह बंद।
• वाहनों पर पाबंदी: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर में चलने पर रोक।
• डीजल जनरेटर सेट: गैर-आवश्यक उपयोग पर प्रतिबंध।
• स्कूलों के लिए दिशानिर्देश: कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में हाइब्रिड कक्षाएं अनिवार्य। यह छोटे बच्चों को जहरीली हवा से बचाने का प्रयास है, जो श्वसन संबंधी समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
• कार्यालयों में बदलाव: निजी कार्यालयों को वर्क-फ्रॉम-होम पर शिफ्ट करने की सलाह।

ये उपाय GRAP के पहले और दूसरे चरणों के साथ मिलाकर लागू हो रहे हैं, जिसमें पार्किंग शुल्क बढ़ाना और कचरा जलाने पर रोक शामिल है। एमसीडी ने एंटी-स्मॉग गन्स और मैकेनिकल स्वीपर की तैनाती बढ़ा दी है।

जनता की प्रतिक्रिया और विरोध
प्रदूषण के खिलाफ छात्र संगठनों ने भी आवाज बुलंद की है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) समेत कई ग्रुप्स ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। अभिभावक और विशेषज्ञों ने हाइब्रिड मोड का स्वागत किया है, लेकिन लंबे समय तक प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की है।

दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे मास्क पहनें, अनावश्यक यात्राएं टालें और प्रदूषण स्रोतों से दूर रहें। CAQM ने चेतावनी दी है कि यदि AQI 450 से ऊपर गया, तो GRAP के चौथे चरण को लागू किया जा सकता है। फिलहाल, सभी एजेंसियां मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं।

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