9 लाख करोड़ का धमाका! युवाओं, किसानों और उद्योगों के लिए योगी सरकार का बड़ा ऐलान

UP Budget 2026-27:

UP Budget 2026-27: लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया। यह उनके दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, जिसे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में प्रस्तुत किया। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आए इस बजट को सरकार ने विकास, निवेश, युवाओं, महिलाओं और किसानों पर केंद्रित बताया है।

UP Budget 2026-27:

बजट में गौतमबुद्धनगर स्थित जेवर एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही एयरपोर्ट पर पांच रनवे विकसित करने की घोषणा भी की गई है। छात्राओं को 400 करोड़ रुपये की लागत से स्कूटी वितरित करने, 40 लाख टैबलेट देने और 10 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणाएँ भी की गईं।

UP Budget 2026-27: मोबाइल उत्पादन और निवेश में यूपी अग्रणी

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि देश में बनने वाले मोबाइल फोनों का 65% उत्पादन अब उत्तर प्रदेश में हो रहा है। राज्य में अब तक 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश पहुँच चुका है।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, महिलाओं तथा युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों के चलते प्रदेश ने सर्वांगीण विकास की नई दिशा पकड़ी है।

वित्त मंत्री के अनुसार वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% अधिक है।

UP Budget 2026-27: 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, बेरोजगारी घटी

सुरेश खन्ना के अनुसार लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाया गया है।
प्रदेश की बेरोजगारी दर घटकर 2.24% रह गई है। 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन हो चुके हैं, जिनसे 10 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार परियोजनाओं के चार ग्राउंड–ब्रेकिंग समारोह भी हो चुके हैं।

प्रदेश अब मोबाइल फोन निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट की 55% यूनिटें यहीं स्थित हैं। राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है।

कृषि, ऊर्जा और सिंचाई में रिकॉर्ड प्रगति

प्रदेश फसल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। गेहूँ, धान, आलू, गन्ना, केला, आम, अमरूद और मेंथा उत्पादन में यूपी का योगदान सर्वाधिक है।
सिंचित क्षेत्र 2016-17 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 2.76 करोड़ हेक्टेयर पहुँच गया है।

ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है—
ताप विद्युत क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2025 में 9,120 मेगावॉट दर्ज की गई।
2,815 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिला है।

एग्री-एक्सपोर्ट हब और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर

विश्व बैंक समर्थित UP Agriz Project के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच मिल सके।

सरकार ‘जनविश्वास सिद्धांत’ लागू कर रहीं है, जिसके तहत उद्योग से संबंधित पंजीकरण व लाइसेंस प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा।
डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजना के माध्यम से युवाओं को डिजिटल स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कौशल विकास से रोजगार वृद्धि

बजट में उच्च शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने पर जोर दिया गया है।
पीपीपी मॉडल पर नए स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र खोले जाएंगे।
महिलाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित होंगे, जिससे कार्यबल में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर यूपी

वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और निर्यात का राष्ट्रीय हब बनता जा रहा है।
स्टार्टअप रैंकिंग में यूपी ‘लीडर कैटेगरी’ में पहुँच चुका है।
नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में यूपी ने लैंडलॉक्ड राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है।

बजट की प्रमुख घोषणाएँ

  • MSME सेक्टर : 3,822 करोड़ रुपये
  • सिंचाई परियोजनाएँ : 18,000 करोड़ रुपये
  • शहरी आवास–विकास : 7,000 करोड़ रुपये
  • ऊर्जा क्षेत्र : 65,926 करोड़ रुपये
  • जेवर एयरपोर्ट : 750 करोड़ रुपये
  • धार्मिक स्थलों का विकास : 200 करोड़ रुपये
  • ग्रामीण विकास : 2,400 करोड़ रुपये
  • फ्लाईओवर निर्माण : 1,500 करोड़ रुपये
  • एआई योजना : 225 करोड़ रुपये
  • आयुष्मान भारत : 2,868 करोड़ रुपये
  • सड़क निर्माण : 34,000 करोड़ रुपये
  • पंचायत भवन निर्माण : 100 करोड़ रुपये
  • आयुष विभाग : 27,000 करोड़ रुपये

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