क्राइम ब्रांच के 458 अफसरों ने विशेष प्रशिक्षण सत्र में सिखे डिजिटल जांच के गुर

New Delhi news दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जय सिंह रोड स्थित पुलिस मुख्यालय आदर्श आॅडिटोरियम में राजधानी में पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए शनिवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया।
स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभिन्न एजेंसियों और विशेषज्ञ संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विशेष सत्र में 5 डीसीपी, 13 एडिशनल डीसीपी, 104 एसीपी और 325 से अधिक इंस्पेक्टर समेत कुल 458 पुलिस अधिकारियों को डिजिटल पुलिसिंग एप्लीकेशनों, जांच तकनीकों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के संग्रह व संरक्षण के बारे में अहम जानकारी दी।
विशेष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने मकोका मामलों में प्रस्ताव तैयार करने, जांच और ट्रायल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला।
वहीं एफ सी एल रोहिणी के विशेषज्ञों ने फॉरेंसिक साक्ष्य के सही संग्रह, संरक्षण और चेन आॅफ कस्टडी के महत्व को समझाया।
अधिकारियों ने गांडीव और सुदर्शन एप के उपयोग और विभिन्न एजेंसियों के डेटा एक्सेस की जानकारी दी। सी डॉट/ सीयर पोर्टल के जरिए चोरी या गुम मोबाइल फोन को ब्लॉक/अनब्लॉक करने और आईएमईआई ट्रैकिंग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इसके अलावा सीसीटीएनएस और आईसीजेइस पोर्टल के माध्यम से केस मॉनिटरिंग, ई-शाक्ष्य लिंकिंग, जीरो एफआईआर और क्राइम डेटा मैनेजमेंट पर भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) सुरेंद्र कुमार ने सभी प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।
ट्रेनिंग में यह सिखाया
मकोका मामलों की जांच और ट्रायल प्रक्रिया
फॉरेंसिक साक्ष्य का संग्रह और संरक्षण
नेटग्रिड के गांडीव और सुदर्शन एप का उपयोग
एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच के तरीके
सीईआईआर पोर्टल से मोबाइल ट्रैकिंग
सीसीटीएनएस/आईसीजेएस के जरिए केस मॉनिटरिंग और ई-शाक्ष्य

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