ग्रेटर नोएडा। बिसरख गांव में प्राधिकरण की जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर रविवार को विवाद हो गया। जमीन पर निर्माण की सूचना मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम जमीन पर अपना बोर्ड नहीं लगा सकी। सूचना मिलने पर बिसरख कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। अब प्राधिकरण ने सोमवार को पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा बोर्ड लगाने का फैसला किया है।
10 हजार वर्गमीटर जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, बिसरख गांव के खसरा नंबर 666 में करीब 10 हजार वर्गमीटर जमीन प्राधिकरण की है। आरोप है कि गांव के कुछ लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और निर्माण कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को भी जमीन पर अवैध निर्माण कराने की कोशिश की गई थी। सूचना मिलने पर प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
रविवार को फिर शुरू कराया जा रहा था निर्माण
रविवार को प्राधिकरण को दोबारा सूचना मिली कि संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद प्राधिकरण की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवाया।
प्राधिकरण अधिकारियों का आरोप है कि टीम ने जमीन पर प्राधिकरण का बोर्ड लगाने का प्रयास किया, लेकिन एक नामजद व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर बोर्ड नहीं लगाने दिया। विरोध के चलते मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और टीम को वापस लौटना पड़ा।
एक नामजद समेत अन्य के खिलाफ शिकायत
मामले में प्राधिकरण की ओर से बिसरख कोतवाली में एक व्यक्ति को नामजद करते हुए उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। प्राधिकरण ने पुलिस से कार्रवाई के साथ ही जमीन पर बोर्ड लगाने के दौरान पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने भी पुलिस से की शिकायत
दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों ने भी बोर्ड लगाने का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ऐसे में जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर विवाद और बढ़ता नजर आ रहा है।
पुलिस बल मिलने पर सोमवार को फिर लगेगा बोर्ड
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल उपलब्ध होने के बाद सोमवार को खसरा नंबर 666 की जमीन पर दोबारा प्राधिकरण का बोर्ड लगाया जाएगा। इसके साथ ही जमीन पर किसी भी तरह के अवैध निर्माण को रोकने की कार्रवाई की जाएगी।

