नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला: वर्क सर्किल संभालेंगे शहर की सफाई और ट्रैफिक की कमान

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नोएडा: शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अपनी कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन किया है। नए आदेश के अनुसार, अब प्राधिकरण के वर्क सर्किल ही अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग (सफाई व्यवस्था) और ट्रैफिक कंट्रोल का जिम्मा संभालेंगे।

विभागीय तालमेल के लिए उठाया गया कदम

अब तक नोएडा में साफ-सफाई का काम मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग के अधीन था, जबकि सड़कों के रखरखाव का काम वर्क सर्किल देखते थे। इस दोहरी व्यवस्था के कारण अक्सर समन्वय (Coordination) की कमी खलती थी। अब वर्क सर्किल के इंजीनियरों को ही सफाई निरीक्षकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तालमेल बिठाकर काम करना होगा।

मुख्य बदलाव और नई जिम्मेदारियां

इस बदलाव के बाद वर्क सर्किल के अधिकार क्षेत्र में निम्नलिखित कार्य शामिल होंगे:

  • एकीकृत स्वच्छता प्रबंधन: सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, कूड़ा उठान और ड्रेन क्लीनिंग अब वर्क सर्किल की निगरानी में होगी।
  • ट्रैफिक कंट्रोल: सड़कों पर अवैध अतिक्रमण हटाना, साइन बोर्ड्स की स्थिति और ट्रैफिक सुचारू बनाए रखने के लिए इंजीनियरिंग समाधान लागू करना।
  • त्वरित समाधान: स्थानीय समस्याओं के लिए अब निवासियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; संबंधित वर्क सर्किल ही ‘सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट’ होगा।

जनता को क्या होगा लाभ?

अधिकारियों का मानना है कि इस विकेंद्रीकरण (Decentralization) से जवाबदेही तय होगी। यदि किसी सेक्टर में गंदगी या ट्रैफिक की समस्या आती है, तो संबंधित वर्क सर्किल के प्रभारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। इससे शिकायतों के निवारण की गति तेज होने की उम्मीद है ।प्राधिकरण ने यह स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वर्क सर्किल के साथ मिलकर काम करेंगे, लेकिन प्रशासनिक नियंत्रण अब संबंधित क्षेत्र के वर्क सर्किल इंजीनियरों के पास रहेगा।

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