आग 1 जनवरी 2026 को तड़के करीब 1:30 बजे लगी, जब बार में सैकड़ों लोग न्यू ईयर का जश्न मना रहे थे। पुलिस और दमकल कर्मी तुरंत पहुंचे, 10 हेलीकॉप्टर और दर्जनों एम्बुलेंस तैनात की गईं। घायलों को हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंचाया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई आतंकी हमला या जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं लगता, बल्कि एक दुर्घटना है। गवाहों के बयानों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से पता चलता है कि स्पार्कलर (चिंगारी वाली मोमबत्तियां) लकड़ी की छत के बहुत करीब पहुंचने से आग भड़की। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक वेट्रेस शैंपेन की बोतल में स्पार्कलर लगाकर किसी के कंधों पर खड़ी थी, और कुछ ही सेकंड में आग पूरे बार में फैल गई।
शवों की पहचान करना कठिन हो रहा है क्योंकि ज्यादातर बुरी तरह जल चुके हैं। क्रांस-मोंटाना के मेयर निकोलस फेरॉड ने कहा, “सभी शवों को नाम देना हमारी पहली प्राथमिकता है, इसमें दिन लग सकते हैं।” वैलिस प्रांत के प्रमुख मैथियास रेनार्ड ने बताया कि डीएनए और दांतों के रिकॉर्ड से पहचान की जा रही है ताकि परिवारों को सटीक जानकारी दी जा सके।
घायलों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। फ्रांस ने बताया कि उसके 9 नागरिक घायल हैं और 8 लापता हैं। अन्य देशों के दूतावास भी अपने नागरिकों की स्थिति का पता लगा रहे हैं।
स्थानीय लोग सदमे में हैं। बार के पास सैकड़ों लोग इकट्ठा होकर मौन रखे, फूल चढ़ाए और मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई युवाओं ने कहा कि वे खुद वहां होने वाले थे, लेकिन किस्मत से बच गए।
यह स्विट्जरलैंड के आधुनिक इतिहास की सबसे भयानक घटनाओं में से एक है। जांच जारी है और मौतों की सटीक संख्या व पहचान की जानकारी जल्द आने की उम्मीद है।

