प्रदूषण फैलाने वाले बिल्डरों पर लगा जुर्माना

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नोएडा। जैसे-जैसे ठंड का मौसम आ रहा है। ठीक वैसे ही एनसीआर में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन में जहां प्रदूषण का स्तर इतना कम हुआ कि अखबारों की सुर्खियां बनने लगी। मगर अब फिर वहीं हाल है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के साथ-साथ जिला प्रशासन भी पर्यावरण को प्रदूषण रहित करने के लिए प्रयासरत है।
इस क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीमें शहर में निरीक्षण कर रही हैं। बीते दिन प्रदूषण फैलाने के आरोप में दो बिल्डरों पर पांच 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अगर व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो प्राधिकरण फिर कार्रवाई करेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शहर को आठ भागों में बांटकर एक्शन प्लान तैयार किया है। हर जोन का एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रभारी की अगुवाई में प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखी जा
रही है। प्राधिकरण के ओएसडी शिव प्रताप शुक्ला ने टेकजोन 4 क्षेत्र का दौरा किया। यहां प्लॉट नंबर 2 में भूटानी इंफ्रा टेक बिल्डर की साइट पर निर्माण कार्य चल रहा है। यहां पर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन होता पाया गया है। ओएसडी ने बिल्डर पर 5 लाख का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने सेक्टर-4 के भूखंड संख्या सी 2 में मैसर्स एच एंड एस, बिल्डर्स बुलेवार्ड वाक पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यहां पर एनजीटी के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके चलते प्रदूषण फैल रहा था। क्षेत्रीय अधिकारी डॉ अर्चना द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित साइट-सी के डी 24 में निर्माण कार्य चलता पाया गया। परिसर के बाहर सड़क पर निर्माण सामग्री और खुदाई से निकली मिट्टी खुले में पड़ी पाई गई।

टीम ने एफ-78 में भी निर्माण कार्य और मिट्टी खुले में पड़ी पाई। दोनों ही साइटों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इन सेक्टरों में किया गया पानी का छिड़काव
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कई सेक्टरों की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके। आज जिन सेक्टरों में छिड़काव किया गया उनमें सेक्टर 1, 2, 3, टेक जोन 4 , 7 नॉलेज पार्क-2, 3, 5, सेक्टर-16, 16 बी, 16 सी, ओमिक्रोन 1 व 3 आदि शामिल हैं।