डीपीएस के खिलाफ अभिभावकों ने खोला मोर्चा

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नोएडा। डी.पी.एस. (दिल्ली पब्लिक स्कूल) जी.बी.एन. (एक्स्प्रेसवे) नोएडा के दर्जनों अभिभावक जिलाधिकारी से मिलने उनके कैम्प ऑफिस (सेक्टर 27) पर गये परन्तु जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पायी। अंत मे अभिभावक अपना ज्ञापन जिलाधिकारी के पी आर ओ को सौप मायूस होकर लौटे।
अभिभावकों की मुख्य मांगों में बच्चों की ऑनलाइन एसाइनएनमेंट, उनके रिपोर्ट-कार्ड और फीस में रियायत है। कोविड के संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों के कारण सभी अभिभावकों की आर्थिक स्थिति असंतुलित हो गयी हैं जिसका सीधा असर बच्चो की शिक्षा पर भी पडऩे लगा है। अभिभावकों द्वारा पूरी फीस नहीं देने पर डी.पी.एस. जी.बी.एन. सेक्टर 132 के बच्चों को ऑनलाइन एसाइनएनमेंट को भेजना बन्द कर दिया है तथा बच्चों की के रिपोर्ट कार्ड भी रोक दिये गये हैं जिससे बच्चे और अभिभावक दोनों मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। अभिभावक स्कूल द्वारा वार्षिक शुल्क में 40त्न छूट से भी प्रसन्न नहीं है उनका कहना है कि महामारी की परिस्थितियों मे स्कूल को केवल ट्यूशन फीस ही लेनी चाहिये। अभिभावक संघ के मनोज कटारिया ने बताया बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से रोकना या उनके रिपोर्ट कार्ड रोकना स्कूलो की अनैतिकता को को दर्शाता है। विद्यालय शिक्षा के मंदिर है वहां पर इस प्रकार की युक्ति नहीं अपनानी चाहिए। अभिभावक आज की परस्थितियों के अनुसार आसान किस्तों मे फीस भरना चाहते हैं।
परन्तु स्कूल अपनी पूरी फीस लेने पर अड़े हुए हैं । ज्ञापन देने पहुचे अभिभावकों मे मनोज कटारिया के साथ पल्लवी राय, धीरज कुमार, जे एस बेदी, प्रवीण अंतुल, सचिन कुमार, विशाल शर्मा, रजत कपूर, शक्ति कालरा, कविता, निधि, फातिमा, जगदीश चंद्र, आशीष, अणिमा, कंचन, विजय, मोहित, रोहन, अमित शर्मा, पवन, पुनीत शर्मा, उपेंद्र, रोहन रावत, अमित शर्मा, अंकित त्यागी, लवलेश, सोनी ठाकुर आदि मौजूद थे।