गेम खेलने को मना किया तो दे दी जान

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नोएडा। आज कल मोबाइल लोगों की आदतों में ही नहीं बल्कि रगों में घूस चुका है। गेम खेलने को मना करने पर एक बच्चे ने जान दे दी। मृतक करीब पांच घंटे फ्री फायर गेम खेलता था। गेम खेलने से रोकने के लिए परिजन बार-बार उसे टोकते थे। पिता के काम पर चले जाने के बाद वह गेम खेलना शुरु कर देता था।
पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की जिसके बाद पता चला कि गेम की वजह से किशोर पढ़ाई पर भी ध्यान नहीं दे रहा था।
पुलिस पूछताछ में मृतक के पिता ने बताया कि कोमल दिन में करीब पांच घंटे गेम खेलता था। इसके अलावा वह रात को भी काफी देर तक गेम खेलता रहता था। इसके चलते समय पर खाना भी नहीं खाता था। जब उसे परिजन टोकते थे तो गुस्सा होकर कई घंटों घर से बाहर रहता था। किसी अनहोनी के डर से उसे ज्यादा टोकते भी नहीं थे।
इसी तरह १ अगस्त २०१९ को बिसरख कोतवाली क्षेत्र की पंचशील ग्रीन सोसायटी में मोबाइल में गेम खेलने से रोकने पर १०वीं कक्षा के छात्र अर्पित शिवाच ने १४वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। गेम खेलने पर उसकी मां ने उसे डांट दिया था। इससे क्षुब्ध होकर वह घर से चला गया था।
फिर उसने सोसायटी की १४वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी। अर्पित बीटा-२ थानाक्षेत्र की एडब्ल्यूएचओ सोसाइटी में रहता था। उसने ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रीन सोसायटी से कूद कर जान दी थी। अर्पित के घर और घटनास्थल की दूरी लगभग २० किमी थी।