कूड़ा जलाने पर होगी एफआईआर

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नोएडा। जिले में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एनजीटी के नियमों शक्ति से पालन कराने के लिए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने संबंधित अधिकारियों को एफआईआर कराने के निर्देश दिए है।
सुहास एलवाई ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। जिला अधिकारी द्वारा जिला पर्यावरण समिति की ऑनलाइन बैठक में अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया है कि जनपद में किसी भी क्षेत्र में पराली एवं कूड़ा करकट जलाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा तत्काल कठोर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराएंगे ताकि जनपद में कूड़ा करकट में आगजनी की घटनाओं एवं पराली जलाने पर रोक लगाई जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यदि कहीं पर पराली जलाने की घटनाएं संज्ञान में आए वहां पर कृषि विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई करें। इसी प्रकार जनपद के सभी प्राधिकरण के क्षेत्र में यदि कहीं पर भी कूड़ा करकट जलाने की कार्रवाई संज्ञान में आने पर प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाए ताकि जनपद में कूड़ा करकट एवं पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके।
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में वायु प्रदूषण के बढ़ते हुए मानक को दृष्टिगत रखते हुए सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा वायु प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध पैनी नजर बनाकर कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाए ताकि जनपद में वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद में जहां पर भी निर्माण कार्य संचालित हो रहे हैं वहां पर शत-प्रतिशत रूप से एनजीटी के नियमों का कड़ाई के साथ पालन सुनिश्चित कराया जाए यदि किसी के द्वारा भी नियमों का उल्लंघन संज्ञान में आए तो उनके विरुद्ध तत्काल जुर्माना आदि की कार्यवाही विभागीय अधिकारियों के द्वारा अमल में लाई जाए।
जिलाधिकारी ने डीसीपी यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उनके द्वारा भी निरंतर रूप से जनपद में अभियान संचालित करते हुए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चिन्हित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि सॉलिड़ वेस्ट का निस्तारण पूर्ण मानकों के अनुरूप संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को भी अभियान चलाकर वायु प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विगत 15 अक्टूबर से जनपद में ग्रेप लागू हो गया है जिसके अंतर्गत समस्त जनपद में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर चलाने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। अत: ग्रेप का उल्लंघन करने पर प्रदूषण विभाग के अधिकारियों द्वारा दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा अधिक से अधिक जुर्माना वसूल किया जाए। वहीं दूसरी ओर डस्ट जनित प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा कठोर कदम उठाए जाएं। आयोजित महत्वपूर्ण जिला पर्यावरण समिति की बैठक का संचालन डीएफओ पीके श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। बैठक में डीसीपी यातायात गणेश साहा तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।