उम्मीद की किरण दिख रही धुंधली

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ग्रेटर नोएडा। आम्रपाली में फ्लैट बुक कर लगभग पूरी पेमेंट करने वाले लोगों को अपने सपनों का आशियाना मिलने की धुंधली सी उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। अब एनबीसीसी ने आम्रपाली लेजर वैली स्थित वेरोना हाइट्स प्रोजेक्ट को पूरा करने का टेंडर जारी कर दिया है। इससे प्रोजेक्ट के 6000 बायर्स को फिर घर मिलने की उम्मीद जगी है। खरीदार नौ साल से सपनों का घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। टेंडर लेने वाली कंपनी को जुलाई, 2023 तक प्रोजेक्ट पूरा करना होगा।
बायर्स ने बताया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने का टेंडर गौड़ संस हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। इसमें 1135 करोड़ रुपये लगेंगे। अभी प्रोजेक्ट में केवल दस प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ है। लंबे समय से प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य बंद है। अब टेंडर जारी होने के बाद एक सप्ताह में काम शुरू होने की उम्मीद है। खरीदारों ने वर्ष 2011 में फ्लैट खरीदा था तभी से 6000 खरीदार फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अब टेंडर जारी हो गया है तो सभी को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट और एनबीसीसी की मदद से अब उनका घर मिल जाएगा। टेंडर हासिल करने वाली कंपनी को प्रोजेक्ट का निर्माण जुलाई, 2023 तक पूरा करना होगा तभी से खरीदारों को कब्जा मिलना शुरू होगा। खरीदार तीन साल इंतजार करने को तैयार हैं। सभी खरीदार 50 से 60 प्रतिशत पैसा दे चुके हैं। खरीदार बाकी पैसा भी तय शर्तों पर देंगे।
जारी हो चुके है सभी प्रोजेक्ट के टेंडर
खरीदारों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के पांच प्रोजेक्ट सेंचूरियन पार्क, स्मार्ट सिटी, ड्रीम वैली, आम्रपाली लेजर वैली, लेजर वैली डेवलपर प्रोजेक्ट हैं। इनमें भी अलग-अलग नाम से 10 से अधिक प्रोजेक्ट हैं। वेरोना हाइट्स ड्रीम वैली प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इन सभी प्रोजेक्ट को पूरा करने का टेंडर जारी हो चुका है। लगभग सभी जगह निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। वर्ष 2023 तक खरीदारों को उनका घर मिलने की उम्मीद है।
मालूम हो कि आम्रपाली बिल्डर ने बायर्स से रुपए लिए लेकिन प्रोजेक्ट पूरे नहीं किए। जिसकों लेकर बायर्स ने पुलिस के साथ-साथ कोर्ट जाने का रूख भी अपनाया। फिलहाल आम्रपाली की सीएमडी अनिल शर्मा समेत कई लोग जेल में है।