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मोहम्मद आज़ाद (संपादक)

आग बनाम अग्निशमन विभाग

सेक्टर-11 में लगी आग ने हमारे अग्निशमन विभाग की पोल खोल कर रख दी है। इस आग ने 6 लोगों को लील कर उनके परिवारों के अरमानों को ठंडा कर दिया। अब जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप कर सरकारी विभाग टेबल टेनिस खेल रहे हैंं। हर विभाग एक-दूसरे को फंसाने की कोशिश कर रहा है। कुल मिला कर तोड़ यह निकाला गया कि फैक्टरी मालिक के खिलाफ ही इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। आग पर काबू पाने के लिए शहर में अग्निशमन के कई सेंटर खोले गए हैं। करोड़ों रुपए के खर्च पर यहां न केवल बड़े-बड़े उपकरण रखे गए हैं बल्कि बड़ी तादाद में स्टाफ भी तैनात है। विडंबना यह है कि यहां तमाम अधिकारी सिफारिशी लगे हुए हैं और उनका पूरा स्टाफ उगाही में मशगूल रहता है। सभी का महीने का टारगेट फिक्स रहता है। इन सब को अपने काम से कोई लेना देना नहीं रहता है। इनकी ताकत का इसी से अंदाजा लग जाता है कि उनसे उपर कोई अफसर पूछताछ नहीं कर सकता है। इसी जिले में ऐसे-ऐसे अधिकारी तैनात हैं जो राष्टï्रपति तक से पुरस्कृत हो चुके हैं परंतु सिफारिश की अभाव में उन्हें खुड्डे लाईन लगा रखा है। आग की वारदात पर कल प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने नोएडा का दौरा किया। अग्निशमन विभाग उन्हें संतुष्टï नहीं कर पाया। उन्होंने पाया कि कंपनियों को एनओसी देते वक्त सिर्फ पैसा देखा जाता है। ज्यादातर इकाईयों पर एनओसी है ही नहीं। बिना एनओसी के कंप्लीसन कैसे हुए यह भी जांच का विषय है। बहरहाल, आज इस मामले में सीएम कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

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