• Google

प्राधिकरण ने डेढ़ सौ निजी स्कूलों को भेजे नोटिस

By: admin
03-03-2017 13:51:10 PM

नोएडा। रियायती दरों पर स्कूलों को प्राधिकरण ने भूखण्ड आवंटिक किए। मगर, कुछ नियम जोड़े गए, जिनकी स्कूल प्रबंधक अनदेखी कर रहे हैं। अब उन पर शिकंजा कसने के लिए प्राधिकरण की ओर से कुल डेढ़ सौ स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिसमें प्राधिकरण ने स्कूलों से पूछा  है कि लीज की शर्तों का अनुपालन हो रहा है या नहीं।
पत्र में कहा गया है कि निम्न एवं दुर्बल आय वर्ग के छात्रों के लिए छूट की व्यवस्था की जाए। प्रत्येक कक्षा में पांच या न्यूनतम दो जो भी अधिक हो छात्रों को उनके आर्थिक स्थिति के आधार पर नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाए। इन छात्रों से किसी भी मद में कोई शुल्क न लिया जाए। प्रत्येक कक्षा में न्यूनतम 10 प्रतिशत छात्रों अथवा न्यूनतम 5 प्रतिशत छात्रों को जो भी अधिक हो उसकी योग्यता व आर्थिक स्थिति के आधार पर 50 प्रतिशत शुल्क पर शिक्षा देंगे।
इस तरह से प्राधिकरण ने कई और शर्तें भी जोड़ी हैं जिसमें 75 प्रतिशत छात्र नोएडा के ही निवासी होने चाहिए।
स्कूल के पांच साल पूरे होने के बाद इसे 90 प्रतिशत बढ़ाया जाए। नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन व सीईओ द्वारा नामित दो छात्रों का दाखिला किसी भी वक्त स्कूल में होना चाहिए। राजकीय कर्मचारियों के तबादले होने पर उनके बच्चों को प्रवेश हेतु विशेष व्यवस्था होनी चाहिए।
मालूम हो कि 'जय हिन्द जनाबÓ ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। सीईओ दीपक अग्रवाल ने कहा था कि जो भी स्कूल संचालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में ये नोटिस जारी किए गए हैं।
आम तौर पर ज्यादातर स्कूल प्राधिकरण के नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाते हैं। न तो गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाता है और न ही स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर दाखिला मिल पाता है।
प्राधिकरण के संस्थागत विभाग के सहायक महाप्रबंधक आशीष भाटी की ओर से स्कूलों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।


Create Account



Log In Your Account