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आम आदमी पार्टी सरकार का बजट कई मामलो में अलग

By: admin
02-03-2017 12:19:18 PM

इस बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार का बजट कई मामलो में अलग होगा. वित्त वर्ष 2017-18 को बेसलाइन बनाकर आउटकम बजट भी पेश करेगी। इसका मकसद सभी विभागों और स्कीमों को आवंटित होने वाली रकम के खर्च और उसके प्रभाव की जवाबदेही तय करना है। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने .इस बात के भी संकेत दिए कि सरकार इस साल भी वैट दरों में कटौती कर सकती है। सिसोदिया ने बताया, 'हम पहली बार आउटकम बजट लाने जा रहे हैं। यह तय करेगा कि न सिर्फ जनता का पैसा जनता पर खर्च हो रहा है, बल्कि सार्थक तरीके से खर्च हो रहा है। एक-एक पैसे का सकारात्मक असर सुनिश्चित किया जाएगा।' उन्होंने बताया कि आउटकम बजट कई वैज्ञानिक पैमानों पर आधारित होगा। मसलन, मिड डे मील योजना के तहत आवंटित रकम की सार्थकता बच्चों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार पर तय होगी। हर चार महीने बाद बीएमआई इंडेक्स जांचा जाएगा। अगर उसमें सुधार हो रहा है तो माना जाएगा कि स्कीम और पैसा खर्च करना सफल रहा है। इसी तरह स्कूलों के रिजल्ट और दूसरे रिकॉर्ड उसके लिए आवंटित रकम के सही खर्च होने के इंडिकेटर होंगे। मोहल्ला क्लिनिक्स को रकम जारी करने के साथ ही यह भी दर्ज होगा कि वहां कितने मरीजों का सफल इलाज हुआ है। 'हमने पिछले साल दरें काफी घटाई है । हम इसकी अब भी स्टडी कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो बदलाव करेंगे और विसंगतियां दूर करेंगे। यह कहने में कोई हिचक नहीं कि बजट बनाते समय हम न्यूनतम टैक्स रेट के इरादे पर कायम हैं।' उन्होंने कहा कि टैक्स दरें जितनी कम होंगी, अनुपालन उतना ही बढ़ेगा। जीएसटी के तहत दो राज्यों के बीच 50 हजार रुपये से ज्यादा माल की आवाजाही पर ई-परमिट का भी सिसोदिया ने विरोध किया। उन्होंने नोटबंदी के दिल्ली के राजस्व पर बुरे असर को लेकर भी चिंता जताई और बताया कि इससे अब तक 5000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। राजस्व का संशोधित टारगेट भी अब दूर लग रहा है


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