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अब तक के आईपीएल सीजन की विजेता टीमें

By: admin
05-04-2017 14:14:34 PM

नई दिल्ली। बुधवार से IPL  का 10वां सीजन शुरू हो रहा है। पिछले 9 सीजन में ढ्ढक्करु को 6 चैंपियंस मिल चुके हैं।
2008 में राजस्थान रॉयल्स
 
यह IPL का पहला सीजन था और t 20 लीग के इस ओपनिंग सीजन में ट्रोफी पर कब्जा जमाया राजस्थान रॉयल्स ने। शेन वॉर्न की कप्तानी में इस टीम ने धोनी के नेतृत्व में खेली चेन्नै सुपर किंग्स की टीम को मैच की आखिरी बॉल पर मात दी। इस टूर्नमेंट को जीतकर शेन वॉर्न ने अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया।
 
 
 
 
2009 में डेकन चार्जर्स
इस टूर्नमेंट का दूसरा सीजन साउथ अफ्रीका में आयोजित किया गया। इस साल भारत में लोकसभा चुनाव थे, जिसके कारण यह टूर्नमेंट साउथ अफ्रीका शिफ्ट करना पड़ा। एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में खेली डेकन चार्जर्स ने अनिल कुंबले की कप्तानी में खेली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर को हरा कर इस खिताब पर अपना कब्जा जमाया। 
इस तरह इस टूर्नमेंट के पहले दो खिताब उन टीमों ने अपने नाम किए, जिनकी कप्तानी ऑस्ट्रेलियाई खिलाडिय़ों ने की।2009 में डेकन चार्जर्स
इस टूर्नमेंट का दूसरा सीजन साउथ अफ्रीका में आयोजित किया गया। इस साल भारत में लोकसभा चुनाव थे, जिसके कारण यह टूर्नमेंट साउथ अफ्रीका शिफ्ट करना पड़ा।
एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में खेली डेकन चार्जर्स ने अनिल कुंबले की कप्तानी में खेली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर को हरा कर इस खिताब पर अपना कब्जा जमाया।
इस तरह इस टूर्नमेंट के पहले दो खिताब उन टीमों ने अपने नाम किए, जिनकी कप्तानी ऑस्ट्रेलियाई खिलाडिय़ों ने की।
2010 में चेन्नै सुपर किंग्स
इस साल एमएस धोनी के नेतृत्व वाली चेन्नै सुपर किंग्स इस खिताब के लिए मुंबई इंडियंस से भिड़ी। धोनी की कप्तानी में ष्टस््य ने 22 रन से यह मैच जीतकर टूर्नमेंट का तीसरा खिताब अपने नाम किया। धोनी पहले ऐसे भारतीय खिलाड़ी बने, जो अपनी ढ्ढक्करु टीम को खिताब जिताने में सफल रहा।
2011 में एक बार फिर ष्टस््य
यह साल एसएस धोनी के लिए उम्दा साबित हुआ। सबसे पहले 2 अप्रैल 2011 को उन्होंने भारत की झोली में वर्ल्ड कप डाला। वर्ल्ड कप के 6 दिन बाद शुरू हुआ ढ्ढक्करु 4 में भी धोनी का जलवा कायम रहा। इस बार ष्टस््य ने क्रष्टक्च को हराकर लगातार दूसरी बार इस खिताब पर अपना कब्जा जमाया। ष्टस््य की ओर से मुरली विजय की 53 गेंदों खेली 95 रन की पारी ने अपनी खास छाप छोड़ी।
 
KKR ने रोकी CSK की हैटट्रिक
धोनी की कप्तानी में ष्टस््य लगातार तीसरा फाइनल खेल रही थी। इससे पहले लगातार दो बार यह खिताब जीत चुकी ष्टस््य इस खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी।  फाइनल में ष्टस््य ने  ्य्यक्र को 191 रन का टारगेट दिया। इस मैच में रैना ने 5 छक्के और 3 चौकों की अपनी पारी में 38 गेंदों पर 73 रन बनाए। 
जवाब में ्य्यक्र के कैप्टन गंभीर पहले ओवर में ही पविलियन लौट गए। लेकिन जाक कालिस और मनविंदर बिसला की पारी ने ्य्यक्र को वापस मैच में ला दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन जोड़े। बिसला ने शानदार 48 बॉल पर 89 रन बनाए।
इस पारी की बदौलत ्य्यक्र ने ष्टस््य की जीत की हैटट्रिक के इरादों पर पानी फेर दिया।
मुंबई इंडियंस 2013
इस बार कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर फाइन खेला गया। ष्टस््य की टीम को मुंबई इंडियंस ने 149 रन का छोटा सा लक्ष्य ही दिया था, लेकिन ष्टस््य 9 विकेट खोकर 125 रन ही बना पाई। इस मैच में लासिथ मलिंगा, मिचेल जॉनसन और भज्जी की शानदार बोलिंग की बदौलत ष्टस््य ने 3/3 और फिर 39/6 विकेट गंवा दिए। इसके बाद ष्टस््य इस मैच में अपने का अंत तक उबार नहीं पाई और इस तरह मुंबई ने पहली बार इस खिताब पर अपना कब्जा जमाया।
 
2014 में फिर KKR ने जीता खिताब
 
यह मैच किंग्स ङ्गढ्ढ पंजाब और  ्य्यक्र के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया। किंग्स के विकेटकीपर बैट्समैन रिद्धिमान साहा ने 75 गेंदों पर 115 रन की शानदार पारी खेलकर ढ्ढक्करु फाइलन में पहला शतक अपने नाम किया। कोलकाता के लिए राह मुश्किल लग रही थी, लेकिन ्य्यक्र के मनीष पांडे ने साहा की पारी के बाद मैदान मार लिया। पांडे की 50 गेंदों की पारी ने यहां तूफान मचा दिया। इसमें उन्हों 7 चौके और 6 छक्कों की बदौलत 95 रन बनाए और ्य्यक्र की झोली में दूसरी बार यह खिताब डाल दिया। 
2015 में मुंबई इंडियंस को दूसरा खिताब
मुंबई इंडियंस को दूसरी बार यह खिताब जीतने के लिए ष्टस््य को हराना था। दो बार खिताब जीत चुकी ष्टस््य छठी बार इस टूर्नमेंट के फाइनल में खेल रही थी।
ईडन गार्डंस की पिच को समझने में धोनी गलती कर गए और टॉस जीतकर उन्होंने मुंबई इडियंस को बैटिंग का निमंत्रण दे दिया। मुंबई इंडियंस 202/5 रन बनाए, जो ढ्ढक्करु फाइनल का दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर था। जवाब में ष्टस््य की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 161 रन ही बना पाई। 
 
इस तरह रोहित शर्मा की कप्तानी में ष्टस््य तीसरी बार यह खिताब जीतने से वंचित रह गया।
2016 में सनराइजर्स हैदराबाद ने किया कमाल
इस बार इस खिताब की दौड़ दोनों ऐसी टीमें पहुंची थीं, जो पहली बार यह खिताब जीतती। विराट कोहली इस टूर्नमेंट में शानदार फॉर्म में थे, जिन्होंने 81 की औसत से 973 रन अपने खाते में डाले थे।
 
हैदराबाद ने क्रष्टक्च की इस टीम को 209 रन का टारगेट दिया था। इसके जवाब में क्रिस गेल ने अपने जाने-पहचाने अंदाज में क्रष्टक्च को मजबूत शुरुआत दी। 8 छक्के और 4 चौकों की मदद से गेल 38 गेंदें खेलकर 76 पर आउट हुए, लग रहा था कि यह मैच क्रष्टक्च आराम से अपने नाम कर लेगी। 
 
लेकिन जैसे ही हैदराबाद ने गेल और कोहली को आउट किया, तो क्रष्टक्च के खेमे में सेंध लगा दी और देखते ही देखते यह मैच और ढ्ढक्करु का अपना पहला खिताब हैदराबाद ने अपने नाम कर लिया।
ढ्ढक्करु में कुछ इस तरह जीती हैं टीमें...
 
एमएस धोनी, गौतम गंभीर और रोहित शर्मा ऐसे कैप्टन हैं, जिनकी कप्तानी में दो-दो बार उनकी टीम यह खिताब जीती है।
 
शेन वॉर्न, एडम गिलक्रिस्ट और डेविड वॉर्नर ऐसे गैर भारतीय कप्तान है, जिन्होंने एक-एक बार इस खिताब को अपने नाम किया है।
इंडियन प्रीमियर लीग का 10वां सीजन 5 अप्रैल से शुरू होगा। एक नजर डालते हैं ऐसे 5 विदेशी खिलाडिय़ों पर जो अपनी टीम के लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं।


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