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अजमेर शरीफ, 805वां उर्स : आज होगा अहम प्रोग्राम

By: admin
04-04-2017 13:27:27 PM

अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रह. की 805वें उर्स का आज छठवीं तारीख में अहम प्रोग्राम का आयोजन होगा। हालांकि अभी उर्स के समापन में तीन दिन शेष हैं। देश के कोने-कोने व विदेशों से लाखों की संख्या में मोईनुद्दीन चिश्ती रह. के दरबार में जायरीन आते हैं। लोग यहां फातिहा पढ़ते हैं और मिन्नतें मांगते हैं।


विदेश आए जायरीनों के लिए विशेष इंतजाम किया गया। उनके ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

 



मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म 536 हिजऱी संवत् अर्थात 1141 ई. पूर्व पर्षिया के सीस्तान क्षेत्र में हुआ। अन्य जानकारी के अनुसार अनुसार उनका जन्म ईरान के इस्फ़हान नगर में हुआ। अजमेर में जब वे धार्मिक प्रचार करते तो चिश्ती तरीके से करते थे। इस तरीके में ईश्वर की बात लोगों तक पहुंचाया जाता था। हिंदू राजा भी मोईनुद्दीन साहब के प्रवचनों से मुग्ध हुए और उनपर कोई कष्ट या आपदा आने नहीं दिया।

देश में लगे बीफ पर बैन : सूफी मौलवी
सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने सरकार से देश में गौवंश के वध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए मुस्लिम समाज से कहा है कि वे पहल करे ताकि बीफ को लेकर दो समुदायों के बीच पनप रहे वैमनस्य पर विराम लगे। दीवान ने कहा कि उनके पूर्वज ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती ने इस देश की संस्ति को इस्लाम की नियमों साथ अपना कर मुल्क में अमन शान्ति और मानव सेवा के लिए जीवन सर्मपित किया। उसी तहजीब को बचाने के लिए गरीब नवाज के 805 उर्स के मौके पर वह और उनका परिवार बीफ के सेवन त्यागने की घोषणा करता है। उन्होंने यहां आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गौवंश की प्रजातियों के मांस को लेकर मुल्क में सैंकड़ों साल से जिस गंगा जमुनी तहजीब से हिन्दू और मुसलमानों के मध्य मोहब्बत और भाईचारे का माहौल परंम्परागत रूप से स्थापित था, उसे ठेस पहुंची है।


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