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ऑटो चालक उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

By: admin
24-03-2017 15:59:57 PM

 शहर में हैं करीब 5000 ऑटो, बिना कोड नंबर के भर रहे फरार्टा

नोएडा। ग्रेटर नोएडा पुलिस व परिवहन विभाग के द्वारा दिए गए सख्त दिशा निर्देशों को धता बताते हुए शहर में ऑटो चालक यातायात नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। आटो चालक न तो किराए को लेकर और न ही वर्दी को लेकर सजग है। इतना ही नहीं सड़कों पर आड़े तिरछे खड़े होकर ट्रैफिक जाम का  सबक भी बनते है। 
ऑटो से कोड नंबर भी गायब है। वहीं, चालकों द्वारा कहीं भी मनमानी तरीके से की जा रही पार्किंग की वजह से आए दिन लंबा जाम लग जाता है। 
 
सड़क पर कर लेते हैं अवैध अतिक्रमण
चालकों की मनमानी का आलम यह है कि कहीं भी अवैध तरीके से अपने ऑटो खड़ा कर देते हैं। इससे दूसरे वाहनों के निकलने के लिए रास्ता नहीं बचता है और जाम लग जाता है। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक परीचौक पर भी चालकों की मनमानी देखने को मिलती है। चालकों द्वारा बड़े ही बेतरतीब ढंग से ऑटो खड़े कर दिए जाते हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी ङोलनी पड़ती है।
 
बिना वर्दी में रहते हैं चालक 
परिवहन विभाग द्वारा ऑटो चालकों के लिए भूरे रंग की एक निश्चित वर्दी का निर्धारण किया गया है। अधिकतर चालक बिना वर्दी के ऑटो चला रहे हैं। रूट निर्धारण का भी पालन नहीं किया जाता है। 
 
यात्रियों से वसूलते हैं मनमाना किराया
ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। रात में यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे तय किराये से कई गुना ज्यादा किराया वसूलते हैं और मजबूर यात्री अधिक किराया देने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
ऑटो से गायब हुए कोड 
 शहर में ऐसे तमाम ऑटो दौड़ रहे हैं, जिन पर कोड संख्या अंकित नहीं है। पिछले दिनों पुलिस विभाग द्वारा शहर के ऑटो चालकों के सत्यापन के बाद उन्हें कोड नंबर दिए गए थे। एक्टिव सिटीजन टीम का गठन कर उन्हें देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि टीम द्वारा अनियमितता की शिकायत पाए जाने के बाद तत्कालीन एसपी देहात अभिषेक यादव ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया था। 
 
लग चुके हैं कई संगीन आरोप 
ऑटो चालकों द्वारा आए दिन यात्रियों से चोरी व लूट की वारदातों को अंजाम दिया जाता है। यही नहीं चालकों पर महिला यात्रियों से दुष्कर्म, अभद्रता और लूटपाट तक के आरोप लग चुके हैं। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ही चालकों का वेरिफिकेशन करके उनको कोड नंबर दिया गया था। 
दरअसल कोड संख्या की वजह से यात्रियों को ऑटो पहचानने में आसानी होती है। इसी वजह से कई लोगों को अपने खोए हुए सामान भी वापस मिल गए थे। 
धीरे-धीरे कम होता जा रहा सख्ती का असर
चालकों के वेरिफिकेशन के बाद पुलिस की सख्ती का असर दिखा था। धीरे धीरे पुलिस और आरडब्ल्यूए की इस मुहिम का असर कम हो गया। परिणामस्वरूप अब ऑटो चालक मनमानी करने लगे हैं। 
 
नियमों की अनदेखी करने वालो पर विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाती है। उन पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
रचना यदुवंशी
एआरटीओ, गौतमबुद्धनगर


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