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बैंकों के ऑडिट से खोलेंगेे बेनामी धनराशि के राज

By: admin
22-03-2017 15:15:46 PM

नोएडा। यह खबर हो सकता है कि आपके लिए और बैंकों के लिए दुखदायी हो लेकिन उन लोगों के लिए सुखद है जिन्होंने आयकर विभाग को पाई-पाई का हिसाब दे रखा है। नोटबंदी के दौरान बैंकों से बहुत बड़ी मात्रा में पुराने नोट देकर नए नोट में बदलवाया गया। साथ ही अलग-अलग खातों में रुपए जमाकर नियम के विरुद्ध जाकर कैश विदड्रॉ किया गया। 
 
इस महीने के अंत में सभी बैंकों का आरबीआई की ओर से ऑडिट होने वाला है। इस ऑडिट में मुख्यरूप से देखा जाएगा कि किस-किस बैंक ने विदड्रॉ लिमिट से ज्यादा किस ग्राहक को धनराशि दी है।
इसके अलावा वे सभी पहचान पत्र और आधार कार्ड की कॉपी ली जाएगी, जिनके आधार पर नोट बदले गए। शिकायतें मिली थीं कि बैंककर्मियों ने दूसरों की आईडी लगाकर नोट बदले हैं। किस दिन कितनी धनराशि इधर-उधर हुई ये सब ब्यूरा ऑडिट में निकलकर आएगा। 
सूत्रों की मानें तो ऑडिट के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किस व्यक्ति ने अपने खाते में अचानक से लाखों रुपए जमा कराए हैं। इस व्यक्ति का संबंध किसी कंपनी से है या इसके मालिक के पास अधिक धनराशि हो सकती है यह सब भी जांच का बिंदू रहेगा। 
Óजनधन खातें में कहां से आए रुपए होगी जांचÓ
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर  इनकम टैक्स आनंद दीप ने जय हिन्द जनाब से कहा कि जनधन योजना के तहत खोले गए खातों में नोटबंदी के दौरान भारी संख्या में नकदी जमा कराई गई। ऐसे काफी खाते सीज किए गए। आयकर विभाग बैंकों से उन सभी खातों की जानकारी ले रहा है, जिसमें 50 हजार से अधिक धनराशि अचानक जमा कराई गई।
 
उन्होंने कहा कि हमारा मकसद किसी को परेशान करने का नहीं बल्कि यह पता लगाने का है कि खाताधारक के पास यह रकम कहां से आई। जनधान खातों की जांच के लिए कई टीमों का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा जिन खातों मेंं दो लाख रुपये से जमा हुए हैं उन्हें भी  आयकर अपनी रडार पर ले रहा है। 
 
ऑडिट करने वाली टीम को दर्जनों बिंदू बताए हैं जिन पर बैंककर्मियों से सवाल जवाब करेगी। उन लोगों की सूची तैयार होगी। जिन्होंने सालों से अपने खाते ऑपरेट नहीं कि लेकिन नोटबंदी के बाद लाखों रुपए खातों में जमा कराए। उनसे धनराशि का सोर्स भी पूछा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर धनराशि जब्त की जा सकती है। 


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