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अजमेर दरगाह ब्लास्ट दो को उम्रकैद

By: admin
22-03-2017 14:52:29 PM

जयपुर। अजमेर दरगाह पर हुए बम धमाकों के मामले में आज दोषियों को अदलत ने उम्रकैद का फैसला सुनाया है। बम ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और 15 लोग घायल हुए थे। अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस में फैसला आ गया है। अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने भावेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को इस मामले में दोषी पाया और उनके लिए उम्रकैद का ऐलान किया है।  
 
अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामले में भावेश और देवेन्द्र को इससे पहले 18 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया था। 18 मार्च को दोनों पक्षों के वकीलों ने कोर्ट में बहस की थी। उसके बाद जज ने फैसला सुरक्षित रखा था। 
 
गौरतलब है कि दरगाह ब्लास्ट के इस मामले में तीन लोगों पर 8 मार्च को आरोप तय हुए थे। तीसरे आरोपी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। अजमेर की दरगाह में 11 अक्टूबर, 2007 को धमाके हुए थे। इन धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और करीब पंद्रह लोग घायल हो गए थे। आठ मार्च के बाद कोर्ट को 16 मार्च को फैसला सुनाना था। लेकिन कोर्ट ने 16 मार्च के बाद 18 मार्च की तारीख दी थी। मामले में कोर्ट स्वामी असीमानंद समेत सात आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर चुकी है।
 
2007 में हुआ था विस्फोट
अजमेर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में आहता-ए-नूर पेड़ के पास 11 अक्टूबर 2007 को बम विस्फोट हुआ था। 11 अक्टूबर 2007 को दरगाह परिसर में हुए बम विस्फोट में तीन जायरीन मारे गए थे और पंद्रह जायरीन घायल हो गए थे। विस्फोट के बाद पुलिस को तलाशी के दौरान एक लावारिस बैग मिला था। जिसमे टाइमर डिवाइस लगा जिंदा बम रखा था।
 
पिछली सुनवाई में देवेंद्र और भावेश दोनों पर 1-1 लाख रुपए का आर्थिक जुर्माना लगाया जा चुका है। मामले में एक आरोपी सुनील जोशी की हत्या हो चुकी है और तीन आरोपी संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा और सुरेश नायर फरार चल रहा है।
 
एनआईए ने तेरह आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। इनमें से आठ आरोपी साल 2010 से न्यायिक हिरासत में बंद हैं। न्यायिक हिरासत में बंद आठ आरोपी स्वामी असीमानंद,हर्षद सोलंकी, मुकेश वासाणी, लोकेश शर्मा, भावेश पटेल, मेहुल कुमार,भरत भाई, देवेन्द्र गुप्ता हैं। एक आरोपी चन्द्र शेखर लेवे जमानत पर है।


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