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देशभर के पेट्रोल पंपों पर आईटी की रेड

By: admin
18-03-2017 13:29:10 PM


नोटबंदी के दौरान 15 फीसदी अतिरिक्त रकम जमा करने का शक
 
नई दिल्ली। नोटबंदी के दौरान लोगों की ब्लैकमनी को व्हाइट करने के शक में इनकम टैक्स (आईटी) विभाग ने देशभर के पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां छोपेमारी शुरू कर दी है। बता दें कि नोटबंदी के दौरान पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां बंद नोट चलाने की इजाजत थी। आईटी अफसरों को शक है कि पेट्रोल पंप मालिकों ने इस छूट की आड़ में लोगों की ब्लैकमनी को व्हाइट किया है। 
 
मीडिया रिपोर्र्टर के मुताबिक आईटी एक्ट के तहत पंप मालिक की छाानबीन की जा ही है। आईटी अफसर यह पता लगाने की की कोशिश कर रहे हैं कि नोटबंदी के  दौरान पेटाल पंप मालिकों की ओर से किया गया बैंक डिपॉजिट उनकी सेल्स से मेल खा रहा है या नहीं।
कुछ आई अफसरों ने इसे रूटीन सर्वे बताया है। उनका कहना है कि यह रेड नहीं है अफसरों के मुताबिक ये सर्वे देशभर के पेट्रोल पंप मालिकों और एलपीजी डिस्ट्रीब्ूयटर्स के कैम्पस में 6 मार्च से किए जा रहे हैं। एक अफसर ने बताया कि सर्वे से पता चला है कि नोटबंदी के दौरान पेट्रोल पप ओनर्स ने एवरेज सेल्स से 15 प्रतिशत ज्यादा रकम जमा कराई है। हमने सराकरी ऑयल कंपनियों से डाटा मांगा है, ताकि एक्सट्रा डिपॉजिट की ठीक से छानबीन हो सके। इससे पहले आईटी सर्वे में पाया गया था कि पेट्रोल पंप मालिकों ने नोटबंदी के दौरान एक्चुअल सेल्स से 20 फीसदी एक्सट्रा रकम डिपॉजिट की है। 
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कार्रवाई
 
अगर पेट्रोल पंप और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां से नोटबंदी के दौरान सेल्स से ज्यादा डिपॉजिट करने की बात सामने आ रही है, तो उनके ओनर्स के खिलाफ कार्रवाई जा रही है। उनसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत टैक्स और 49.90 फीसद की पेनल्टी वसूली जा रही है। अगर पेट्रोल पंप ओनर दावा करते हैं कि जमा किया गया एक्ट्रा डिपॉजिट उन्हें पुराने पेमेंट या बकाया रकम के रूप में मिला है तो भी आईटी अफसर इसे गैर कानूनी मान रहे हैं। 


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