घरेलू कलह में महिला ने लगाई फांसी 

नोएडा। निठारी में किराए के मकान में रहने वाली महिला ने घरेलू कलह के चलते फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। बीती रात पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आज सुबह भेजा है। फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। थाना सेक्टर 20 पुलिस ने बताया कि निठारी में कृष्ण अवाना के मकान में लिपि पत्नी हलदर पिछले कई वर्षों से रह रही थी। बीती रात लिपि ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। शव को पोस्टमार्टम…

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दहेज न मिलने पर हत्या

नोएडा। थाना फेस-3 में मुकेश नागर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी भांजी शालिनी की हत्या दहेज न मिलने के कारण ससुराल वालों ने की है। शालिनी की शादी सेक्टर-66 निवासी विवेक से हुई थी। इस मामले में सास, ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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बाल दिवस पर WOW में कार्यक्रम

नोएडा। सेक्टर 38ए स्थित वल्र्डस ऑफ़ वंडर में आज बाल दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मिसेज इंडिया वल्र्डवाइड नॉर्थ श्वेता सिंह ने शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर यहां बच्चों से सीधा संवाद किया। वल्र्डस ऑफ़ वंडर के प्रेस प्रवक्ता शमीम ने बताया कि वह हर तरीके से सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेता हैं। खासतौर से पर्यावरण को बेहतर बनाने व सामाजिक कार्यों में कंपनी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है।

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राफेल डील मामला > रक्षा मंत्रालय नहीं एयरफोर्स के अधिकारी को बुलाएं : सीजेआई

नई दिल्ली। राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर आज अहम सुनवाई हुई। अदालत राफेल सौदे की कीमत और उसके फायदों की जांच करेगा। केंद्र ने पिछली सुनवाई में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत और उसके फायदे के बारे में कोर्ट को सीलबंद दो लिफाफों में रिपोर्ट सौंपी थी। खबर लिखे जाने तक चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ इस मामले में अहम सुनवाई कर रही थी। जिसमें याचिकाकर्ताओं ने भी दलीलें दीं। याचिकाकर्ताओं ने सौदे की…

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बायर्स को ‘सुप्रीम राहत’

भरोसा टूट चुका था… उम्मीद की किरण नहीं दिख रही थी। जिंदगी भर की खून पसीने की कमाई अब अपने खाते में नहीं बल्कि बिल्डरों के खातों में जा चुकी थी। बैंकों से लिया गया ऋण सूद समेत वापस करने की टेंशन खाए जा रही है। इस सब के बीच सुप्रीम कोर्ट बॉयर्स के लिए ‘सुप्रीम राहत’ बनकर सामने आया है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस से जब कोई राहत नहीं मिली तो बायर्स को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। जैसे…

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