14 हजार बच्चों को संक्रमित पिला दी पोलियो दवा

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हमीरपुर। जिले में 14000 बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन्हें संक्रमित पोलियो दवा पिलाई जा चुकी है, ये वो वैक्सीन है जिसमें पोलियो के टाइप-2 वायरस की पुष्टि हुई है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए एक भी एंटीडाट वैक्सीन नहीं लगी है। हैरानी की बात ये है कि जिले के आला अधिकारी भी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

बायोमेड कंपनी द्वारा तैयार की गई पोलियो वैक्सीन में टाइप-2 वायरस होने की पुष्टि के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। फिलहाल कंपनी की वैक्सीन प्रयोग करने पर रोक लगा दी गई है लेकिन रोक से पहले ही कंपनी की अलग- अलग बैच नंबर की 700 वॉयल प्रयोग हो चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि इससे बच्चों में पोलियो टाइप-2 वायरस पहुंच गया है। इस पर रोक के लिए परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने सभी बच्चों में एंटी डाट लगाए जाने का दावा किया था, इसके बावजूद जिले के एक भी बच्चे को एंटीडाट नहीं लगाया जा सका है।

केंद्रीय औषधीय विभाग की टीम द्वारा पोलियो खुराक के सैंपल की जांच में दुनिया से करीब ढाई वर्ष पूर्व खत्म हो चुके टाइप-2 पोलियो का वायरस मिला है। इसके चलते वैक्सीन तैयार करने वाली बायोमेड कंपनी की वैक्सीन पर रोक लगी है।
जिले में इस कंपनी की अलग-अलग बैच की 1000 वॉयल यानि 20 हजार खुराक जून में आई थी। इसमें से 700 वॉयल यानि 14 हजार खुराक बच्चों को पिला दी गईं। रोक के बाद तीन सौ वॉयल अभी भी शेष रखे हैं। वैक्सीन की जांच सितंबर में हुई है। जिले में जून माह में ही 1000 वॉयल आ गए थे, 700 पोलियो अभियान के तहत प्रयोग कर दिए गए। रोक के बाद 300 वॉयल सुरक्षित रखे गए हैं। जिले में एंटीडाट अभी तक नहीं आए हैं और न ही इस संबंध में कोई निर्देश मिला है। इसीलिए बच्चों को एंटीडाट नहीं लगाए जा सके।
– डॉ. राम औतार निषाद, जिला मलेरिया अधिकारी एंटीडाट लगाने के संबंध में कोई शासनादेश नहीं मिला है। बायोमेड कंपनी की वैक्सीन के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है।


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