शाहबेरी: बीच का रास्ता निकालने में जुटा प्रशासन

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नोएडा। शाहबेरी में अवैध इमारतों का मामला अब जिला प्रशासन और प्राधिकरण के लिए नासूर बन रहा है क्योंकि एक तरफ वे लोग है जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई भूमाफियाओं के हवाले अपने लिए दो कमरों का एक घर ले लिया। दूसरी ओर भूमाफिया है जिन्होंने प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करके वहां फ्लैट बनवाए और उन्हें भोली-भाली जनता को बेच दिया। ऐसे में शासन-प्रशासन बीच का रास्ता निकालने में जुट गया है क्योंकि फ्लैट टूटे तो कई सौ लोग बेघर हो जाएंगे।
इस मामले में भूमाफिया एवं बिल्डरों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज कराया जाएगा और उनकी प्रॉपर्टी अटैच की जाएगी। 17 बिल्डरों पर तो एक सप्ताह के अंदर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया है। डीएम बीएन सिंह ने बीते दिन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और पुलिस के साथ मीटिंग में ये आदेश दिए। दूसरी ओर डीएम बीएन बीएन सिंह ने अथॉरिटी को शाहबेरी के लोगों के बीच जाने को कहा। डीएम बोले, हर अधिकारी फ्लैट खरीददार से संवाद करें और यह यकीन दिलाएं कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। नोएडा स्थित डीएम के कैंप ऑफिस में हुई मीटिंग हुई थी। इसमें भविष्य में होने वाली कार्रवाई और योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
बैठक में पता चला कि प्रशासन ने स्टांप विभाग से एक रिपोर्ट तैयार कराई थी। स्टांप विभाग ने बताया कि 5 साल में 30 बिल्डर ऐसे मिले हैं, जिन्होंने 5 से ज्यादा फ्लैटों की बिक्री शाहबेरी में की है। डीएम ने कहा कि बिल्डरों ने लाभ कमाने के लिए फ्लैटों का अवैध कारोबार किया। गैंगस्टर एक्ट के तहत माना गया है कि उन्होंने यहां अवैध कारोबार से प्रॉपर्टी जुटाई है।
उनकी प्रॉपर्टी को प्रशासन से अटैच कराया जाएगा। जो दूसरे जिलों और राज्यों में रह रहे हैं, उनकी प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए संबंधित अधिकारी को लिखा जाएगा। इस बारे में कार्रवाई की रूपरेखा तय की जा चुकी है।


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