राम की शरण में राजनेता >> बीएचपी की धर्मसभा 25 को, अयोध्या में हालात बिगडऩे का डर

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अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट में जनवरी में अयोध्या मामले पर सुनवाई की तारीख तय होगी। तब पता चलेगा कि राम मंदिर पर संविधान कितना लागू होता है। इस सबके बीच सभी दलों के नेता रामजी की शरण में जा चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इस बार लोकसभा में अहम मुद्दा मंदिर ही रहने वाला है।

अयोध्या विवाद की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टालने के फैसले के बाद इस मामले में बयानबाजी और हिंदू संगठनों द्वारा सभाओं का दौर जारी है। अयोध्या में रविवार को वीएचपी की ओर से आयोजित धर्मसभा से पहले यहां स्थिति काफी तनावपूर्ण है। शहर के लोग किसी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचने वाले हैं। यहां उनका संतों से मिलने का कार्यक्रम है। वीएचपी की धर्मसभा में दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। उधर, शहर के लोग इन आयोजनों को लेकर काफी आशंकित हैं। हिंदू और मुस्लिम परिवारों ने तनाव और हालात बिगडऩे के डर से राशन जमा करना शुरू कर दिया है।
उद्धव ने गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली शिवनेरी किले में पूजा-पाठ कर वहां की मिट्टी कलश में भरी। इस अवसर पर ठाकरे ने कह कि वह यह कलश लेकर अयोध्या जाएंगे। गौरतलब है कि शनिवार को ठाकरे कलश लेकर मुंबई से आयोध्या के लिए रवाना होंगे। मिट्टी के उस कलश को ठाकरे राम जन्मभूमि स्थल के महंत को सौंपेंगे। इसके साथ ही साधु-संतों के साथ इस मामले पर बैठक भी करेंगे। अयोध्या में उद्धव ठाकरे रामलला के दर्शन करने के साथ ही सरयू तट पर पूजा करेंगे।

मंदिर बनाने का फिर नहीं मिलेगा मौका
राजनीतिक जानकारों की मानें तो अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मौका फिर मिले न मिले इस मंदिर बनान लेना चाहिए। मगर मंदिर बना लिया तो भाजपा के पास बरसों से चला आ रहा ज्वलंत मुद्दा हाथ से निकल जाएगा।

न्यूज चैनलों में बहस कराने की मची होड़
राम मंदिर बनाने का मामला आजकल न्यूज चैनलों पर छाया हुआ है। प्राइम टाइम में ज्यादातर बहस इस मामले पर केंद्रित है। सभी चैनलों के बीच राम मंदिर बनाने को लेकर बहस करने की होड़ छिड़ी हुई है।

छह दिसंबर को प्रदेशभर में पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश
जिस तरह से छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ध्वस्त की गई थी ठीक उसी तरह अब राम मंदिर बनाने की शुरुआत छह दिसंबर को ही करने पर विचार किया जा रहा है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।


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