पीसी के जरिए सपा-बसपा तक पहुंचने तक कोशिश ल सकते है कई राज

सीईओ रहते हुए यमुना प्राधिकरण को लगाया था हजारों करोड़ का चूना

ग्रेटर नोएडा। योगी सरकार ने घोटाले बाज अधिकारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। खासतौर से नोएडा-गे्रटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण में हुए घोटालों की जांच प्रड़ताल की जा रही है। राजनीतिक नेताओं की माने तो भाजपा घोटालों की आड में सपा और बसपा पर शिकंजा कसने की कोशिश में है। नोएडा प्राधिकरण के एपीई चौधरी ब्रज पाल पर आयकर का छापा एक रणनीति के तहत डाला गया और ब्रजपाल के जरिए अखिलेश की परछाई तक पहुुंचने की कोशिश की गई। अब पूर्व सीओ पीसी गुप्ता के जरिए पता लगाया जा रहा है कि सपा और बसपा शासन काल में और क्या-क्या घोटाले हुए है। पीसी गुप्ता बसपा शासनकाल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में डीसीईओ बनकर आए थे और उसके बाद सपा की सरकार आने के बाद पुन: पदोन्नति देकर ग्रेनो प्राधिकरण में ही रखा और इसके बाद यमुना प्राधिकरण का चार्ज दे दिया। पीसी गुप्ता पर सीईओ रहते वक्त प्राधिकरण में हजारों करोड़ के घोटाले का आरोप है। पुलिस ने उन्हें बीते दिन मध्य प्रदेश के दतिया स्थित पीतांबरा पीठ से गिरफ्तार कर लिया। जमीने घोटाले की एफआईआर दर्ज होने के बाद करीब तीन सप्ताह पहले वह भूमिगत हो गए थे। पीसी गुप्ता अपनी पत्नी के साथ मंदिर में छिपे हुए थे।  मथुरा के सात गांवों में 126 करोड़ रुपये का जमीन घोटाला सामने आने के बाद कासना कोतवाली में तीन जून को पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचा तो पुलिस को गिरफ्तारी के आदेश दिए गए। देशभर के कई शहरों में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। सभी आरोपियों और उनके करीबी लोगों के फोन सर्विलांस पर लगाए गए थे। इसी आधार पर सुराग मिलने के बाद कासना पुलिस ने शुक्रवार की शाम पीसी गुप्ता को मध्य प्रदेश के दतिया स्थित पीतांबरा पीठ से धर दबोचा। शनिवार को पुलिस टीम पीसी गुप्ता को ग्रेटर नोएडा लेकर आएगी, जिसके बाद पूछताछ होगी।
मथुरा के सात गांवों में मास्टर प्लान से बाहर जमीन खरीदी गई। इस खेल में शामिल लोग दिल्ली गाजियाबाद, बुलंदशहर, नोएडा, मेरठ व आगरा के हैं। इनमें से ज्यादातर पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता के रिश्तेदार व जानकार हैं। इसके लिए पहले कंपनियां बनाई गईं और फिर किसानों से जमीन खरीदी गई। प्राधिकरण से जमीन खरीदने के दो से चार माह पहले ही इन कंपनियों ने किसानों से जमीन खरीदी है।.

दिन निकलते ही थाना कासना पहुंच कर पूछताछ में जुट गए एसएसपी
पुराने अधिकारियों की खंगाली जा रही कुंडली

एक बड़े अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी

नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवें प्राधिकरण में तैनात रहे सीईओ, एसीईओ, डीसीईओ और ओएसडी कुंडली खंगाली जा रही है। नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर रहते हुए एक अधिकारी ने लोगों को उनके भूखंड, फार्म हाऊस इत्यादि रद्द करने का डर दिखाकर करोड़ों रुपए वसूले। इतना ही नहीं इस अधिकारी ने कई भूखंडों को नियमों के विरूद्व जाकर आवंटन कराने में भूमिका निभाई। ठीक इसी तरह ग्रेटर-नोएडा प्राधिकरण में जमीन अधिग्रहण और करोड़ों के ठेकों में भी अधिकारियों ने अनिमियता बरती। यमुना एक्सप्रेसवें प्राधिकरण भी घोटालों से अछूता नहीं रहा। पुराने अधिकारियों की सरकार कुंडली खंगाल रही है ताकि उनके घोटालों को उजागर किया जा सके।

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